दिलों को पिघलाने वाली बातें और नसीहतें

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हदीसों की सूची 195

“सारे कार्यों के प्रतिफल का आधार नीयतों पर है और प्रत्येक व्यक्ति को उसकी नीयत के अनुरूप ही परिणाम मिलेगा।
निस्संदेह, हलाल स्पष्ट है और हराम भी स्पष्ट है
मुझसे इस्लाम के बारे में एक ऐसी बात कहें, जिसके बारे में मुझे किसी और से पूछने की ज़रूरत न पड़े। आपने फ़रमाया : "तुम कहो कि मैं अल्लाह पर ईमान लाया और फिर इसपर मज़बूती से क़ायम रहो।
“तहारत (पवित्रता) आधा ईमान है। ‘अल-हमदु लिल्लाह’ तराज़ू को भर देगा। ‘सुबहान अल्लाह’ और ‘अल-हमदु लिल्लाह’ आकाश और धरती के बीच के ख़ाली स्थानों को भर देंगे
तुममें से कोई उस समय तक मोमिन नहीं हो सकता, जब तक उसकी इच्छाएँ मेरी लाई हुई शरीयत की अधीन न हो जाएँ।
चार बातें जिस व्यक्ति के अंदर होंगी, वह शुद्ध मुनाफ़िक़ होगा। जिसके अंदर इनमें से एक बात होगी, उसके अंदर उसे छोड़ देने तक निफ़ाक़ की एक बात होगी। जब बात करे, तब झूठ बोले, जब वचन दे, तो तोड़ डाले और जब झगड़े तो बद-ज़बानी करे।
“नेकी उत्तम आचरण है, तथा गुनाह वह है जो तुम्हारे हृदय में खटकता रहे और तुम यह नापसंद करो कि लोग उसे जानें।”
क्या मैं तुम्हें सबसे बड़े गुनाहों के बारे में न बताऊँ?
बड़े गुनाह हैं, अल्लाह का साझी बनाना, माता-पिता की अवज्ञा करना, किसी की हत्या करना और झूठी क़सम खाना।
तुम लोग सात विनाशकारी वस्तुओं से बचो
मैं तमाम साझेदारों की तुलना में साझेदारी से अधिक बेनियाज़ हूँ। जिसने कोई कार्य किया और उसमें किसी को मेरा साझी ठहराया, मैं उसके साथ ही उसके साझी बनाने के इस कार्य से भी किनारा कर लेता हूँ
, ऐसे व्यक्ति को अल्लाह जन्नत में दाख़िल करेगा, चाहे उसका अमल जैसा भी रहा हो।
जो अल्लाह से इस अवस्था में मिलेगा कि किसी को उसका साझी न बनाया होगा, वह जन्नत में प्रवेश करेगा और जो उससे इस अवस्था में मिलेगा कि किसी को उसका साझी ठहराया होगा, वह जहन्नम में प्रवेश करेगा।
जो मुझे दोनों दाढ़ों के बीच तथा दोनों पैरों के बीच (के अंगों) की गारंटी दे दे, मैं उसे जन्नत की गारंटी देता हूँ।
जन्नत, तुममें से किसी व्यक्ति से उसके जूते के फीते से भी अधिक निकट है तथा नर्क का भी यही हाल है।
जहन्नम को अभिलाषाओं से घेर दिया गया है और जन्नत को अप्रिय चीज़ों से घेर दिया गया है।
जब दो मुसलमान अपनी-अपनी तलवारें लेकर आपस में भिड़ जाएँ तो मरने वाला और मारने वाला दोनों जहन्नमी हैं
निस्संदेह, हलाल स्पष्ट है और हराम भी स्पष्ट है
अल्लाह तुम्हारे रूप और तुम्हारे धनों को नहीं देखता, बल्कि तुम्हारे दिलों और कर्मों को देखता है।
सभी कार्यों का आधार नीयतों पर है और प्रत्येक व्यक्ति को उसकी नीयत के अनुरूप ही प्रतिफल मिलेगा
कुछ लोग अल्लाह के धन को नाहक़ ख़र्च करते हैं। उन्हीं लोगों के लिए क़यामत के दिन जहन्नम है।
आदम की प्रत्येक संतान ग़लती करने वाली है और ग़लती करने वालों में सबसे उत्तम व्यक्ति वह है, जो अत्यधिक तौबा करने वाला हो।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को जन्नत में सबसे अधिक प्रवेश कराएगी, तो आपने कहा : “अल्लाह का डर और अच्छा व्यवहार
मैंने अपने बाद कोई ऐसा फ़ितना नहीं छोड़ा, जो पुरुषों के हक़ में स्त्रियों से अधिक हानिकारक हो।
तुममें से कोई उस समय तक मोमिन नहीं हो सकता, जब तक मैं उसके निकट, उसके पिता, उसकी संतान और तमाम लोगों से अधिक प्यारा न हो जाऊँ।
जिसने कोई वस्तु लटकाई, उसे उसी के हवाले कर दिया जाता है।
पवित्रता आधा ईमान है, अल-हम्दु लिल्लाह तराज़ू को भर देता है, सुबहानल्लाह और अल-हम्दु लिल्लाह दोनों मिलकर आकाश एवं धरती के बीच के खाली स्थान को भर देते हैं
मुझसे इस्लाम के बारे में एक ऐसी बात कहें, जिसके बारे में मुझे किसी और से पूछने की ज़रूरत न पड़े। आपने फ़रमाया : "तुम कहो कि मैं अल्लाह पर ईमान लाया और फिर इसपर मज़बूती से क़ायम रहो।
जब अल्लाह ने जन्नत एवं जहन्नम को पैदा किया, तो जिबरील अलैहिस्सलाम
इन दोनों को यातना दी जा रही है, और वह भी यातना किसी बड़े पाप के कारण नहीं दी जा रही है। दोनों में से एक पेशाब से नहीं बचता था, और दूसरा लगाई- बुझाई करता फिरता था।
निश्चय ही दुनिया मीठी और हरी-भरी है और अल्लाह तुम्हें उसमें उत्तराधिकारी बनाने वाला है, ताकि देख सके कि तुम किस तरह के काम करते हो। अतः, दुनिया से बचो एवं स्त्रियों से बचो
एक व्यक्ति ने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से क़यामत के बारे में पूछा। उसने कहा : क़यामत कब आएगी? आपने कहा : "तुमने उसके लिए क्या तैयारी की है?
अच्छे और बुरे साथी की मिसाल ऐसी है, जैसे कस्तूरी वाला और आग की भट्टी धौंकने वाला।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अक्सर यह दुआ पढ़ा करते थे : "يَا مُقَلِّبَ القُلُوبِ ثَبِّتْ قَلْبِي عَلَى دِينِكَ" (ऐ दिलों को पलटने वाले, मेरे दिल को अपने दीन पर जमाए रख।)
जिसने सच्चे दिल से अल्लाह से शहादत माँगी, अल्लाह उसे शहीदों के मर्तबों तक पहुँचाएगा, यद्यपि उसकी मृत्यु बिस्तर पर हुई हो।
''मोमिन पुरुष एवं मोमिन स्त्री के साथ परीक्षाएँ सदा लगी रहती हैं; उसकी जान, उसकी संतान और उसके माल में। ताकि वह अल्लाह से मिले और उसपर कोई गुनाह न हो।''
मोमिन का मामला भी बड़ा अजीब है। उसके हर काम में उसके लिए भलाई है। जबकि यह बात मोमिन के सिवा किसी और के साथ नहीं है।
"क्या मैं तुम्हें वह बात न बतला दूँ, जिसका मुझे तुम्हारे बारे में काना दज्जाल से भी अधिक भय है? सहाबा (रज़ियल्लाहु अन्हुम) ने कहाः अवश्य, ऐ अल्लाह के रसूल! आपने कहाः "छिपा हुआ शिर्क; आदमी नमाज के लिए खड़ा होता है और यह सोचकर अच्छी तरह नमाज़ पढ़ता है कि कोई उसे देख रहा है।"
क़यामत के दिन एक व्यक्ति लाया जाएगा तथा उसे जहन्नम में फेंक दिया जाएगा, जिससे उसके पेट की अंतड़ियाँ बाहर निकल आएँगी और वह उन्हें लेकर ऐसे घूम रहा होगा, जैसे गधा चक्की के चारों ओर घूमता है।
यह एक पत्थर है, जो सत्तर साल पहले जहन्नम में फेंका गया था। वह अब तक गिरता रहा और अब जाकर उसकी गहराई में जा पहुँचा है।
मैं सईद बिन जुबैर के पास बैठा था कि उन्होंने कहाः किसने आज रात तारा टूटते देखा है? मैंने कहाः मैंने देखा है। फिर मैंने कहाः उस समय मैं नमाज़ में नहीं था, बल्कि मुझे किसी चीज़ ने डस लिया था।
कोई संक्रामकता नहीं, अपशगुनता नहीं, उल्लू का कोई कुप्रभाव नहीं और सफ़र मास में कोई दोष नहीं। कोढ़ के रोगी से वैसे ही भागो, जैसे शेर से भागते हो।
जो भी प्राणी अत्याचारपूर्ण तरीक़े से मारा जाता है, उसके क़त्ल के गुनाह का एक भाग आदम के पहले बेटे के हिस्से में जाता है। क्योंकि उसीने सबसे पहले नाहक़ कत्ल का तरीक़ा जारी किया।
मैंने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! मुक्ति क्या है? आपने उत्तर दिया : "अपनी ज़बान पर नियंत्रण रखो, अपने घर के अंदर ही रहा करो और अपने गुनाहों पर रोया करो।
जन्नत में एक सौ श्रेणियाँ हैं, जिन्हें अल्लाह ने अपने मार्ग में जिहाद करने वालों के लिए तैयार कर रखा है। दो श्रेणियों के बीच उतना फ़ासिला है, जितना आकाश और धरती के बीच में है।
अगर दुनिया, अल्लाह के निकट मच्छर के पर के बराबर भी महत्व रखती, तो अल्लाह किसी काफ़िर को उसका एक घूँट पानी तक नहीं देता
दो आँखों को जहन्नम की आग छू भी नहीं सकती; एक वह आँख जो अल्लाह के डर से रोए और दूसरी वह आँख जो अल्लाह के मार्ग में पहरेदारी करते हुए जागे
हर उम्मत के लिए एक आज़माइश होती है और मेरी उम्मत के लिए वह आज़माइश धन है
मेरी उम्मत के सभी लोगों को माफ़ कर दिया जाएगा, सिवाय उनके जो खुलम-खुल्ला गुनाह करते हैं।
तुममें से हर व्यक्ति की मृत्यु इस अवस्था में आनी चाहिए कि वह अल्लाह से अच्छा गुमान रखता हो।
यदि मेरे पास उहुद पर्वत के बराबर सोना हो जाए तो मुझे यह अच्छा नहीं लगेगा कि उसका कुछ भी भाग मेरे पास तीन दिन तक बाकी रहे, सिवाय उसके जिसे मैंने क़र्ज़ चुकाने के लिए बचा रखा हो।
आख़िरत की तुलना में दुनिया ऐसी है, जैसे तुममें से कोई अपनी उँगली समुद्र में डाले (और उठाए)। उसे देखना चाहिए कि उँगली के साथ कितना पानी आया।
मैं अपने बाद तुम्हारे बारे में जिन चीज़ों से डरता हूँ, उनमें से एक दुनिया की चमक-दमक और उसकी माया के दरवाज़ों का खुलना है।
जिसने अल्लाह के मार्ग में दो चीज़ें खर्च कीं, उसे जन्नत के दरवाज़ों से पुकारा जाएगा कि ऐ अल्लाह के बंदे! यह बेहतर है। फिर तो नमाज़ियों को नमाज़ के द्वार से पुकारा जाएगा, जिहाद करने वालों को जिहाद के द्वार से आवाज़ दी जाएगी।
क़यामत के दिन जहन्नमियों में से सबसे कम अज़ाब उस व्यक्ति को हो रहा होगा, जिसके पास आग की दो पट्टियाँ और आग ही के दो जूते होंगे, जिनके कारण उसका मस्तिष्क खौल रहा होगा। वह समझेगा कि उससे ज़्यादा सख़्त अज़ाब किसी को नहीं हो रहा है। हालाँकि उसे सबसे हल्का अज़ाब दिया जा रहा होगा।
मृतक के साथ तीन चीज़ें जाती हैं; उसके घर के लोग, उसका धन और उसका कर्म। फिर दो चीज़ें लौट आती हैं और एक साथ रह जाती है। उसके घर के लोग और धन वापस आ जाते हैं और उसका कर्म उसके साथ रह जाता है।
नेकी तो अच्छा व्यवहार है और गुनाह वह है जो तेरे दिल में खटके और तुझे यह बुरा लगे कि लोग उसे जान जाएँ।
अल्लाह अपने बंदे की तौबा से उस व्यक्ति से कहीं अधिक प्रसन्न होता है, जिसने किसी मरुभूमि में अपना ऊँट गुम करके फिर पा लिया हो।
निश्चय ही, अल्लाह तआला बंदे की तौबा उस समय तक कबूल करता है, जब तक उसकी जान गले में न आ जाए।
''महान अल्लाह रात में हाथ फैलाता है, ताकि दिन में गुनाह करने वाला तौबा कर ले और दिन में हाथ फैलाता है, ताकि रात में गुनाह करने वाला तौबा कर ले, यहाँ तक कि सूरज अपने डूबने के स्थान से निकल आए।''
‎“‎इस संसार में ऐसे रहो जैसे कि तुम एक अजनबी हो या एक मुसाफ़िर।”
जिसने सूर्य के पश्चिम से उदय होने से पहले तौबा कर ली, अल्लाह उसकी तौबा को ग्रहण करेगा।
क्या मैं तुम्हें उस आदमी के बारे में न बताऊँ, जिसे जहन्नम पर हराम कर दिया जाएगा या कहा कि जिसपर जहन्नम हराम कर दी जाएगी? जहन्नम को हर आसानी करने वाले, नर्मी करने वाले और सरल-स्वभाव व्यक्ति पर हराम कर दिया जाएगा।
जो डरा, वह रात के प्रथम भाग में चल पड़ा और जो रात के प्रथम भाग में चला, वह मंज़िल तक पहुँच गया। सुन लो, अल्लाह का सामान बड़ा महंगा है। सुन लो, अल्लाह का सामान जन्नत है।
उनमें से कुछ ऐसे होंगे जिनके टख़नों तक आग पहूँचेगी, तो कुछ लोगों के घुटनों तक और कुछ के कमर तक। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होंगे, जिनकी हँसली तक अग पहुँच रही होगी।
हे आदम के पुत्र! जब तक तू मुझे पुकारता रहेगा तथा मुझसे आशा रखेगा, मैं तेरे पापों को क्षमा करता रहूँगा, चाहे वह जितने भी हों, मैं उसकी परवाह नहीं करूँगा।
उस दिन जहन्नम लाई जाएगी, जिसकी सत्तर हज़ार लगामें होंगी और प्रत्येक लगाम को सत्तर हज़ार फरिश्ते खींच रहे होंगे।
“शक्तिशाली मोमिन कमज़ोर मोमिन के मुकाबले में अल्लाह के समीप अधिक बेहतर तथा प्रिय है, किंतु प्रत्येक के अंदर भलाई है।
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को सबसे ज़्यादा जन्नत में दाख़िल करेगी? तो आपने उत्तर दिया : "अल्लाह का भय और अच्छा आचरण।" साथ ही पूछा गया कि कौन-सी चीज़ सबसे ज़्यादा जहन्नम में दाख़िल करेगी? तो उत्तर दिया : "मुँह और शर्मगाह।"
क्या तुम जानते हो कि झूठ तथा मिथ्यारोपन क्या है? यह लोगों के बीच लगाई-बुझाई की बातें करते फिरना है।
दीनार के बंदे का विनाश हो। दिरहम के बंदे का सर्वनाश हो। रेशमी कपड़े के बंदे का विनाश हो। रुएँदार कपड़े के बंदे का विनाश हो। अगर दिया गया तो प्रसन्न और न दिया गया तो अप्रसन्न। वह हलाक हो और नाकाम हो। अगर किसी परेशानी में पड़े तो कोई उसे सहारा देने वाला न हो।
तीन आदमी जन्नत में प्रवेश नहीं करेंगेः शराब का रसिया, रिश्ते-नाते को काटने वाला और जादू को सच मानने वाला।
वह ज़माना क़रीब है, जब मुसलमान का बेहतरीन माल बकरियाँ होंगी, जिनको लेकर वह पहाड़ों की चोटियों की ओर निकल जाएगा।
पुल सिरात को जहन्नम के ऊपर रखा जाएगा, जिसपर ऐसे काँटे लगे होंगे, जैसे सादान पौधे में होते हैं। फिर लोग उससे होकर गुज़रेंगे, तो कोई सही-सलामत नजात पा जाएगा, कोई खरोंच के साथ पार हो जाएगा और कोई रोक दिया जाएगा और मुँह के बल जहन्नम में गिरा दिया जाएगा।
''जब जन्नती जन्नत में प्रवेश कर जाएँगे, तो एक पुकारने वाला पुकार कर कहेगा : तुम सदा स्वस्थ रहोगे, कभी बीमार नहीं होगे। तुम सदा जीवित रहोगे तथा कभी मरोगे नहीं। तुम सदा जवान रहोगे, कभी बूढ़े नहीं होगे। तुम सदा सुख-सुविधाओं के आनंद में रहोगे, कभी परेशानी का सामना नहीं करोगे।''
“अल्लाह तआला जन्नतियों से फ़रमाएगा : ऐ जन्नत वालो! वो कहेंगे : पूरे ध्यान से हाज़िर हैं ऐ हमारे रब और सदा तेरी मेहरबानी के मोहताज हैं। अल्लाह तआला फ़रमाएगा : अब तुम राज़ी हो? वो कहेंगे : क्या अब भी ख़ुश न होंगे, जबकि तूने हमें ऐसी-ऐसी नेमतें प्रदान की हैं, जो अपनी सारी मख़लूक़ में से किसी और को नहीं दीं?
जब जन्नती जन्नत में दाख़िल हो जाएँगे, तो उच्च एवं बरकत वाला अल्लाह कहेगा : क्या मैं तुम्हें और भी कोई चीज़ दूँ?
जन्नत वाले अपने से ऊपर के लोगों को ऐसे देखेंगे, जैसे तुम लोग आकाश में पूरब या पश्चिम में चमचमाते सितारे को देखते हो, यह सब श्रेणियों में अंतर होने के कारण होगा।
जन्नत में एक कमान के बराबर स्थान, उन तमाम चीज़ों से बेहतर है, जिनपर सूरज निकलता अथवा डूबता है।
मानव के भाग्य में ज़िना लिख दिया गया है, जिसे वह करके रहेगा: आँखों का ज़िना देखना है। कानों का ज़िना सुनना है और ज़बान का ज़िना गंदी बात करनी है। हाथों का ज़िना पकड़ना है और पैर का ज़िना चलकर जाना है। और दिल चाहता व तमन्ना करता है और गुप्तांग उसे सच कर दिखाता है अथवा उसे झुठला देता है
मैंने जहन्नम के दो प्रकार के लोगों को नहीं देखा : एक वह लोग जिनके पास गाय की पूँछ जैसे कोड़े होंगे और वह लोगों को उससे मारेंगे। दूसरे वह महिलाएँ जो वस्त्र में होकर भी नंगी होंगी। दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी और स्वयं दूसरों की तरफ आकर्षित होंगी।
ऐ औरतो! तुम सदक़ा किया करो, क्योंकि मैंने जहन्नम के अंदर तुम्हारी संख्या अधिक देखी है।" औरतों ने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! ऐसा क्यों है? आपने उत्तर दिया : "तुम लानत अधिक करती हो और पति की नाशुक्री करती हो। मैंने विवेक एवं दीन में अधूरी होने के बावजूद तुम (औरतों) से ज़्यादा किसी को भी एक विवेकशील व्यक्ति के विवेक को भ्रमित कर देने वाला नहीं देखा।
मैं उस व्यक्ति को अच्छी तरह जानता हूँ, जो अंत में जहन्नम से निकलेगा और अंत में जन्नत के अंदर प्रवेश करेगा। वह चूतड़ों के बल घिसटता हुआ जहन्नम से निकलेगा। सर्वशक्तिमान अल्लाह उससे कहेगा: जाओ और जन्नत में प्रवेश कर जाओ। वह जन्नत के पास जाएगा, लेकिन उसे ऐसा लगेगा कि जन्नत भरी हुई है। अतः लौट आएगा और कहेगा: ऐ मेरे रब! मैंने पाया कि जन्नत भरी हुई है
क्या तुम्हें दोपहर के समय सूरज को देखने में, जबकि वह बादलों में न हो, कोई कठिनाई होती है? उन्होंने उत्तर दिया कि नहीं! तो आपने फ़रमाया: क्या तुम्हें चौदहवीं की रात को, चाँद को देखने में, जबकि वह बादलों में न हो, कोई कठिनाई होती है?
जल्द ही तुम लोग इमारत और सरदारी की लालच करोगे। जबकि क़यामत के दिन तुम्हें उसकी वजह से नदामत और शर्मिंदगी होगी। दूध पिलाने वाली अच्छी होती है और दूध छुड़ाने वाली बुरी।
क़यामत उस समय तक क़ायम नहीं होगी, जब तक इस तरह की हालत पैदा न हो जाए कि एक व्यक्ति किसी की क़ब्र के पास से गुज़रे और कहे कि काश! इसके स्थान पर मैं होता!
क़यामत के दिन मौत को एक चितकबरे मेंढे
तुम्हारी आग जहन्नम की आग के सत्तर भागों में से एक भाग है
ज्ञान इसलिए न अर्जित करो कि उलेमा से बहस कर सको और अज्ञान लोगों से झगड़ सको
अल्लाह ने एक उदाहरण दिया है। एक सीधा रास्ता है
जब तुम ऐसे लोगों को देखो, जो क़ुरआन की सदृश आयतों का अनुसरण करते हों, तो जान लो कि उन्हीं का नाम अल्लाह ने लिया है। अतः उनसे सावधान रहना
कोई भी बंदा जब कोई गुनाह करता है, फिर खड़े होकर पवित्रता अरजन करता है, फिर नमाज़ पढ़ता है, फिर अल्लाह से क्षमा याचना करता है, तो अल्लाह उसे क्षमा कर देता है
उनके द्वारा की गई तुम से विश्वासघात, अवज्ञा तथा तुमसे झूठ बोलने और तुम्हारे द्वारा उनको दी गई सज़ा का हिसाब होगा
{ثُمَّ لَتُسْأَلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ النَّعِيمِ}
चार बातें जिस व्यक्ति के अंदर होंगी, वह शुद्ध मुनाफ़िक़ होगा। जिसके अंदर इनमें से एक बात होगी, उसके अंदर उसे छोड़ देने तक निफ़ाक़ की एक बात होगी। जब बात करे, तब झूठ बोले, जब वचन दे, तो तोड़ डाले और जब झगड़े तो बद-ज़बानी करे।
बूढ़े व्यक्ति का दिल हमेशा दो चीज़ों में जवान रहता है। दुनिया से प्रेम और लम्बी-लम्बी आशाओं में।
आनंद को समाप्त करने वाली चीज़ का ज़िक्र अधिक से अधिक करो।" यानी मौत का।
फ़ितने दिलों पर चटाई की तीलियों की तरह एक के बाद एक आते रहते हैं
आदमी एक नींद सोएगा और उसके दिल से अमानत उठा ली जाएगी। केवल असका धुंधला- सा निशान रह जाएगा। फिर और एक नींद लेगा, जिसके साथ उसके दिल से अमानत समाप्त कर दी जाएगी। केवल फफोले की तरह उसका निशान बाक़ी रह जाएगा
मैं तुमसे केवल अल्लाह के लिए मोहब्बत करता हूँ। तो उसने कहाः वह भी तुमसे मोहब्बत करे, जिसके लिए तुम्हें मुझसे मोहब्बत है।
अल्लाह तआला के सम्मान में यह बात भी सम्मिलित है कि सफ़ेद बाल वाले मुसलमान का तथा उस कुरवान वाले का, जो न उसमें अतिशयोक्ति करता हो और न उससे बेवफ़ाई करता हो एवं उस प्रशासक का सम्मान किया जाए, जो न्यायप्रिय हो।
जो हमारे छोटों पर दया न करे और हमारे बड़ों का सम्मान न जाने वह हम में से नहीं है।
मैं तेरे पास अल्लाह का संदेश लेकर आया हूँ कि अल्लाह तुमसे मुहब्बत करता है, जैसे तुम अल्लाह के लिए उससे मुहब्बत रखते हो।
निर्धन वह नहीं, जो एक या दो खजूर तथा एक या दो निवाला पा कर लौट जाए। असल निर्धन वह है, जो माँगने से बचता हो।
मैंने जन्नत में झाँका, तो देखा कि वहाँ स्थान पाने वाले अधिकतर लोग निर्धन हैं और जहन्नम में झाँका, तो देखा कि वहाँ स्थान पाने वाले अधिकतर लोग स्त्रियाँ हैं।
जन्नत तथा जहन्नम ने एक दूसरे से झगड़ा किया। जहन्नम ने कहाः मेरे अंदर अभिमानी तथा घमंडी लोग प्रवेश करेंगे। जबकि जन्नत ने कहाः मेरे अंदर कमज़ोर तथा ग़रीब लोग प्रवेश करेंगे।
तुम लोग कुछ ऐसे कार्य करते हो, जो तुम्हारी नज़र में बाल के बराबर भी महत्व नहीं रखते। जबकि हम उन्हें अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में विनाशकारी गुनाहों में से समझते थे।
जब अल्लाह अपने बंदे के साथ भलाई का इरादा करता है, तो उसे दुनिया ही में जल्दी सज़ा दे देता है और जब अपने बंदे के साथ बुराई का इरादा करता है, तो उसके गुनाहों की सज़ा को रोके रखता है, यहाँ तक कि वह क़यामत के दिन अपने सारे गुनाहों के साथ उपस्थित होगा।
तुम्हारे कमज़ोर लोगों के कारण ही तुम्हारी सहायता की जाती है और तुम्हें रोज़ी दी जाती है।
अल्लाह तआला ने कहाः मेरे प्रताप के कारण एक-दूसरे से प्रेम करने वालों के लिए नूर के मिंबर होंगे तथा उनपर नबी एवं शहीद भी रश्क करेंगे।
एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया और बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल! ज़रा यह बताएँ कि यदि कोई व्यक्ति मेरा धन छीनना चाहे तो मैं क्या करूँ? फ़रमायाः उसे अपना धन न दो।
दुनिया मोमिन के लिए कारागार और काफ़िर के लिए जन्नत है
एक व्यक्ति ने एक स्त्री को बोसा देकर अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को आकर बताया, तो अल्लाह तआला ने यह आयत उतारीः "وأقم الصلاة طَرَفَيِ النَّهَار وزُلَفًا مِنَ اللَّيلِ إِنَّ الحَسَنَاتِ يُذْهِبنَ السَّيِئَات" (दिन के दोनों किनारों और रात के कुछ भागों में नमाज़ कायम करो। निश्चय ही नेकियाँ गुनाहों को मिटा देती हैं।) (सूरा हूदः 114) उस व्यक्ति ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, क्या यह मेरे साथ खास है? आपने कहाः नहीं, बल्कि मेरी उम्मत के तमाम लोगों के लिए है।
एक व्यक्ति अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आकर बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल, मैं हद (धार्मिक दंड) का अधिकारी हो गया हूँ। अतः, मुझपर हद जारी कर दें।
हमें दुनिया की वह सारी वस्तुएँ प्रदान की गईं, जो तुम देख रहे हो। हमें तो कभी-कभी भय लगता है कि कहीं हमारे अच्छे कर्मों का बदला दुनिया ही में न दे दिया गया हो।
ऐ हकीम! यह धन देखने में सुहाना और खाने में मीठा होता है। जो इसे बिना किसी लोभ के लेता है, उसे उसमें बरकत दी जाती है, और जो इसे लोभ के साथ लेता है, उसे उसमें बरकत नहीं दी जाती तथा उसका हाल उस व्यक्ति की तरह हो जाता है जो खाता तो है, लेकिन संतुष्ट नहीं होता। तथा ऊपर वाला हाथ नीचे वाले हाथ से उत्तम है।
मैं जन्नत के द्वार पर खड़ा हुआ तो देखा कि उसमें प्रायः निर्धन लोग दाखिल हो रहे थे और धनी लोग रोक दिए जा रहे थे
मुझे लगता है कि तुम लोगों ने अबू उबैदा के बहरैन से कुछ धन लेकर आने की बात सुनी है।
ऐ अल्लाह! अस्ल जीवन तो केवल आख़िरत का जीवन है।
सुन लो! दुनिया धिक्कारयोग्य है और जो कुछ उसमें है सब धिक्कारयोग्य है, सिवाय अल्लाह के ज़िक्र और उससे संबंधित वस्तुओं के तथा ज्ञानी एवं ज्ञानार्जन करने वाले व्यक्ति के।
अगर मोमिन जान लेता कि अल्लाह के पास कैसी-कैसी सज़ा है तो वह उसकी जन्नत की लालच न करता और अगर काफ़िर जान लेता कि अल्लाह के पास कितनी दया है तो वह उसकी जन्नत से निराश नहीं होता।
अल्लाह की क़सम! अल्लाह के निकट दुनिया उससे कहीं अधिक महत्वहीन है, जितना तुम्हारे निकट यह बकरी का बच्चा।
कौन मुझे इस बात की गारंटी देगा कि लोगों से कुछ नहीं माँगेगा और मैं उसे जन्नत की गारंटी दे दूँ?
हम अपनी झोपड़ी ठीक कर रहे थे कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) वहाँ से गुज़रे।
मेराज की रात, मैं ऐसे लोगों के पास से गुज़रा, जिनके नाख़ून ताँबे के थे और वे अपने चेहरों और सीनों को नोच रहे थे। मैंने कहा कि जिबरील! यह कौन लोग हैं? तो बताया कि यह वही लोग हैं, जो लोगों का मांस खाते थे और उनकी इज़्ज़तों पर हमला करते थे।
मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि भूख के कारण सारा दिन पेट पर झुके रहते थे (ताकि भूख की कठोरता कम महसूस हो)। आपको रद्दी खुजूर भी नहीं मिलती था, जिससे अपना पेट भर पाते।
जन्नत की हमेशा बाकी रहने वाली नेमतों की ओर प्रेरित करना और जहन्न की दुखदायी यातना से सावधान करना।
दुनिया के मोह से आज़ाद रहो, अल्लाह का प्यारा बन जाओगे और लोगों के पास जो कुछ है, उसका लोभ न करो, लोग भी तुम्हें प्यार देंगे।
मदीने में कुछ लोग हैं कि तुमने जो भी यात्रा की और घाटी पार की, वह तुम्हारे साथ रहे। उन्हें बीमारी ने रोक दिया था।
‎“‎किसी आदमी ने अपने पेट से बुरा बर्तन कोई नहीं भरा। आदम की संतान के लिए खाने के कुछेक लुक़मे काफ़ी हैं, जो उसकी पीठ खड़ी रखें। अगर अधिक खाना ज़रूरी हो तो पेट का एक तिहाई भाग खाने के लिए, एक तिहाई भाग पीने के लिए और एक तिहाई भाग सांस लेने के लिए हो।‎”‎
मेरे सामने जन्नत एवं जहन्नम को पेश किया गया, तो मैं ने भलाई एवं बुराई के मामले में आज के जैसा दिन नहीं देखा। अगर तुम वह बातें जान लो, जो मैं जानता हूँ तो अवश्य हँसना कम कर दो और अधिक रोने लगो।
यदि आदम की संतान को सोने की एक घाटी मिल जाए, तो वह चाहेगा कि उसे दो घाटियाँ मिल जाएँ। केवल मिट्टी ही उसके मुँह को भर सकती है तथा जो तौबा करेगा, अल्लाह उसकी तौबा क़बूल करेगा।
तुमसे पूर्व के समुदायों में कुछ लोग ऐसे होते थे, जिन्हें इलहाम होता था। यदि मेरी उम्मत में कोई ऐसा है, तो वह उमर हैं।
अल्लाह तआला ने मेरी ओर वह़्य की है कि तुम लोग विनम्रता धारण करो, यहाँ तक कि कोई किसी पर अत्याचार न करे और न कोई किसी को घमंड दिखाए।
"उसका कितना भाग कितना भाग बचा हुआ है?" लोगों ने उत्तर दिया : केवल उसका कंधा बचा हुआ है। आपने कहा : "कंधे के सिवा पूरा बचा हुआ है।"
तीन व्यक्ति ऐसे हैं, जिनसे अल्लाह न बात करेगा और न उन्हें गुनाहों से पवित्र करेगा तथा उनके लिए दुखदायी यातना हैः बूढ़ा व्यभिचारी, कंगाल अभिमानी और ऐसा व्यक्ति जिसने अल्लाह को अपना सामान बना लिया हो; उसी की क़सम खाकर ख़रीदता हो और उसी की क़सम खाकर बेचता हो।
अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अनहु) के पास एक गुलाम था, जो उन्हें प्रत्येक दिन अपनी कमाई का कुछ भाग दे दिया करता था और अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अनहु) उसमें से खाया करते थे।
जब अल्लाह किसी समुदाय को अज़ाब में लिप्त करना चाहता है, तो प्रत्येक व्यक्ति को उस यातना से ग्रस्त करता है, फिर हर एक अपने कर्मों के अनुसार उठाया जाएगा
तुम जायदाद मत बनाओ, अन्यथा दुनिया की चाहत में पड़ जाओगे।
नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने कुछ रेखाएँ खींचीं और फ़रमाया : "यह इनसान है और यह उसकी मौत है। इनसान इसी अवस्था में रहता है कि निकटमत रेखा पहुँच जाती है।"
जहन्नम और जन्नत के बीच बहस व तकरार हो गई। जहन्नम ने कहा : मुझे तुम्हारे ऊपर यह श्रेष्ठता प्राप्त है कि मेरे अंदर अभिमानियों और ज़ालिमों का निवास होगा। इसपर जन्नत ने कहा : मेरा क्या है, मेरे अंदर तो केवल कमज़ोर, निम्न स्तर के और बुद्धिहीन लोग ही दाख़िल होंगे।
दो जन्नतें ऐसी हैं, जो चाँदी की हैं। उनके बरतन तथा उनकी सारी वस्तुएँ चाँदी की हैं। जबकि दो जन्नतें ऐसी हैं, जो सोने की हैं। उनके बरतन एवं दूसरी सारी वस्तुएँ सोने की हैं। अदन नामी जन्नत में लोगों और उनके रब के दर्शन के बीच केवल अल्लाह के चहरे पर पड़ी बड़ाई की चादर का परदा होगा।
बेशक जन्नत में एक पेड़ है कि एक तेज़ रफ़्तार घुड़सवार सौ साल तक चलता रहेगा, लेकिन उसे पार नहीं कर पाएगा।
“जन्नत में एक बाज़ार है, जहाँ जन्नती प्रत्येक जुमा को जाएँगे
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उहद के शहीदों के पास गए और आठ साल पश्चात उनके लिए दुआ की, जैसे जीवित तथा मृत को विदा कर रहे हैं और उनसे विदाई ले रहे हैं
जिस मुस्लिम के तीन बच्चे बालिग़ होने से पूर्व ही मर जाएँ, उसे अल्लाह तआला उन बच्चों पर खास दया करते हुए जन्नत में दाखिल कर देगा
क़यामत के दिन सर्वप्रथम जिस व्यक्ति के बारे में निर्णय लिया जाएगा, वह दुनिया में शहीद हुआ होगा। उसे लाया जाएगा, फिर अल्लाह तआला उसे अपनी नीमतों का इक़रार कराएगा, तो वह उन नीमतों का इक़रार कर लेगा। तब (अल्लाह तआला) कहेगा: तूने इन नीमतों का कैसा उपयोग किया?। वह व्यक्ति कहेगा: मैं तेरे लिए जिहाद करता रहा, यहाँ तक कि शहीद कर दिया गया
मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से (औरत पर) अचानक पड़ने वाली नज़र के बारे में पूछा, तो आपने मुझे नज़र फेर लेने का आदेश दिया।
मुझे तुमपर जिन चीज़ों का डर है, उनमें से एक वह आदमी है, जो क़ुरआन पढ़ेगा, यहाँ तक कि जब क़ुरआन की चमक उसके ऊपर दिखने लगेगी और वह इसलाम का सहारा बन जाएगा, तो वह स्वयं को बदलकर वह बना लेगा, जो अल्लाह चाहे। चुनांचे वह इसलाम से निकल जाएगा और उसे अपने पीछे डाल देगा एवं अपने पड़ोसी पर तलवार लेकर चढ़ दौड़ेगा तथा उसपर शिर्क का लांछन लगाएगा।
क़ब्र आख़िरत का पहला पड़ाव है। यदि बंदा यहाँ बच गया, तो बाद के पड़ाव इससे आसान हैं। और अगर यहाँ न बच सका, तो बाद के पड़ाव इससे कठिन हैं।
एक स्त्री को एक बिल्ली के कारण यातना दी गई, जिसे उसने बाँधकर रखा था, यहाँ तक कि वह मर गई। अतः वह उसके कारण जहन्नम में गई। जब उसने उसे बाँधकर रखा, तो न कुछ खाने को दिया, न पीने को दिया और न ही आज़ाद छोड़ा कि वह स्वयं धरती के कीड़े-मकोड़े खा सके।
अल्लाह के समीप सबसे बड़ा सर्कश (विद्रोही) वह व्यक्ति है, जो अल्लाह के हरम में कत्ल करे, अथवा अपने क़ातिल के सिवा किसी और को कत्ल करे, या जाहिलियत की दुश्मनी का बदला लेते हुए क़त्ल करे।
अल्लाह के मना किए हुए इस गंदे काम से बचो। फिर, जिससे इस प्रकार का कोई गुनाह हो जाए, वह अल्लाह के पर्दे में छुप जाए और अल्लाह के सामने तौबा कर ले। जो हमारे सामने अपने गुनाह ज़ाहिर करेगा, हम उसपर सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह की किताब लागू करेंगे।
चोर पर अल्लाह की लानत (धिक्कार) हो, वह अंडा चुराता है तो उसका हाथ काटा जाता है तथा रस्सी चुराता है तो उसका हाथ काटा जाता है।
अल्लाह सोता नहीं है तथा सोना उसकी महानता के अनुरूप भी नहीं है
बेशक बंदा नमाज़ पढ़ता है, लेकिन उसके लिए उसमें से केवल दसवाँ, नौवाँ, आठवाँ, सातवाँ, छठा, पाँचवाँ, चौथाई, तिहाई या आधा हिस्सा ही लिखा जाता है।
''जब किसी मुसलमान को कोई दुख पहुँचता है, और वह यह दुआएँ पढ़ता है, जिनका अल्लाह ने आदेश दिया है : (हम सब अल्लाह के हैं और हमें उसी की ओर लौटकर जाना है।) [सूरा अल-बक़रा : 156], (हे अल्लाह! मुझे मेरे दुःख का प्रतिफल दे और उसका बेहतर बदल दे।), तो अल्लाह उसे पिछले की जगह पर पिछले से अच्छा बदल प्रदान करता है।''
मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के घर वालों ने एक दिन में कभी दो बार पेट भरकर भोजन नहीं किया, परंतु उनमें से एक बार का भोजन अनिवार्य रूप से खजूर होता था।
जब से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम मदीना तशरीफ लाए, आपके घर वालों ने तीन दिन तक लगातार कभी गेहूँ की रोटी पेट भरकर नहीं खाई। यहां तक कि आप दुनिया से चले गए।
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का बिस्तर चमड़े का था और उसकी भराई खजूर की छाल की थी
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मृत्यु के समय न कोई दिरहम छोड़ा, न दीनार, न कोई ग़ुलाम और न लौंडी, और न कोई चीज़, सिवाय अपने सफेद ख़च्चर, अपने हथियार और एक ज़मीन के, जिसे आप सदक़ा कर चुके थे।
क्या मैं तुम्हें उस चीज़ के बारे में न बताऊँ, जो श्रेणी में रोज़ा, नमाज़ और सदक़ा से भी उत्तम है?
अल्लाह तआला ने फ़रमायाः "मेरी मोहब्बत उन लोगों के लिए वाजिब हो गई, जो मेरे लिए आपस में एक-दूसरे से मोहब्बत करते हैं, मेरे लिए एक-दूसरे के साथ बैठते हैं, मेरे लिए एक-दूसरे से मिलते हैं और मेरे लिए एक-दूसरे पर ख़र्च करते हैं।"
अल्लाह की क़सम, मैं किसी को देता हूँ और किसी को नहीं भी देता हूँ, जबकि जिसे नहीं देता, वह उससे कहीं अधिक प्रिय होता है, जिसे देता हूँ
तुमसे पहले लोगों में एक व्यक्ति था, जिसने निन्यानवे लोगों का वध किया था। उसने लोगों से धरती के सबसे बड़े ज्ञानी का पता लगाया तो उसे एक सन्यासी के बारे में बताया गया। वह उसके पास जाकर बोला कि उसने सौ आदमियों का वध किया है। क्या अब उसकी तौबा क़बूल हो सकती है? उसने कहाः नहीं! यह सुन उसने सन्यासी को भी मार डाला।
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने जितने युद्ध किए, मैं उनमें से किसी युद्ध में भी शरीक होने से पीछे नहीं रहा। मैं केवल तबूक युद्ध में पीछे रह गया था। वैसे तो बद्र युद्ध में भी साथ नहीं था, लेकिन बद्र युद्ध में पीछे रह जाने पर आपने किसी पर नाराज़गी व्यक्त नहीं की थी।
लोग सोने चाँदी के खदान की तरह खदान हैं। जो लोग जाहिलियत में बेहतर थे, वे इस्लाम में भी बेहतर हैं, यदि इस्लाम की समझ प्राप्त कर लें। सारे प्राण एकत्र सेना थे; जिस-जिस ने वहाँ एक-दूसरे को पहचाना, वह दुनिया में एक-दूसरे से प्रेम रखते हैं, और जिस-जिस ने वहाँ एक-दूसरे की पहचान न की, वह यहाँ एक-दूसरे से बेगाना रहते हैं।
जब क़यामत का दिन होगा, तो अल्लाह प्रत्येक मुस्लिम के हवाले एक यहूदी अथवा ईसाई को करेगा और कहेगा : यह जहन्नम से तुम्हारी छुड़ाई है।
हर वह माल, जो मैंने अपने बंदे को दिया है, वह उसके लिए हलाल है, मैंने अपने सारे बंदों को एक अल्लाह की वंदना करने वाला बनाकर पैदा किया है, फिर शैतान उनके पास आए और उन्हें उनके धर्म से बहकाने लगे
मैं अपनी उम्मत पर दो चीजों से डरता हूँः क़ुरआन और दूध। जहाँ तक दूध की बात है, तो लोग उसके कारण देहातों की ओर चले जाएँगे और अपनी इच्छाओं के पीछे भागेंगे तथा नमाज़ छोड़ेंगे। रही बात क़ुरआन की, तो मुनाफ़िक़ भी उसे सीख लेंगे और उसके आधार पर मोमिनों से बहस करेंगे।
जिसे अल्लाह ने दोनों दाढ़ों के बीच और दोनों पैरों के बीच की बुराई से बचा लिया, वह जन्नत में प्रवेश करेगा।
जहन्नम तथा जन्नत में तर्क-वितर्क हुआ, तो जन्नत ने कहा : मेरे भीतर केवल दुर्बल एवं निर्धन लोग ही प्रवेश करेंगे। जबकि जहन्नम ने कहा : मेरे भीतर ज़ालिम और घमंडी लोग प्रवेश करेंगे। यह सुन अल्लाह ने जहन्नम से कहा : तुम मेरी यातना हो, तुम्हारे माध्यम से मैं जिससे चाहता हूँ, इंतेक़ाम लेता हूँ, जबकि जन्नत से कहा : तुम मेरी दया हो, तुम्हारे माध्यम से मैं जिसपर चाहता हूँ, दया करता हूँ।
उस अल्लाह की क़सम, जिसके हाथ में मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की जान है, मुझे आशा है कि जन्नत में तुम्हारी संख्या आधी होगी। इसका कारण यह है कि जन्नत में केवल मुसलमान ही प्रवेश करेंगे। जबकि बहुदेववादियों की तुलना में तुम्हारा अनुपात ऐसे है, जैसे काले बैल की खाल में सफ़ेद बाल हों।
जन्नती अपने से ऊपर के निवासस्थानों को ऐसे देखेंगे, जैसे तुम लोग आकाश में तारों को देखते हो।
तुमसे पहले एक व्यक्ति को ज़ख्म लगा, तो वह व्यथित हो गया और एक चाक़ू से अपना हाथ काट डाला। रक्त बंद न हुआ, यहाँ तक कि वह मर गया। अतः, अल्लाह तआला ने फ़रमाया : मेरे बंदे ने अपनी जान ख़त्म करने में जल्दबाज़ी से काम लिया, अतः मैंने उसपर जन्नत हराम कर दी।
ऐ अबू सईद! जो अल्लाह के रब होने, इस्लाम के धर्म होने और मुहम्मद के रसूल होने से संतुष्ट हो गया, उसके लिए जन्नत अनिवार्य हो गई।
“आपस में ईर्ष्या मत करो, क्रय-विक्रय में एक दूसरे से छल मत करो, एक-दूसरे से घृणा मत करो, एक-दूसरे से मुख मत फेरो तथा किसी के व्यापार पर व्यापार मत करो। अल्लाह के बंदों, आपस में भ्रातृत्व भाव (भाई-चारे) से रहो।
उसे देखो, जो तुमसे नीचे है तथा उसे न देखो, जो तुमसे ऊपर है। क्योंकि इससे इस बात की संभावना कम हो जाती है कि तुम अल्लाह की नेमतों का अनादर करो।
दो नेमतें ऐसी हैं कि उनमें बहुत-से लोग घाटा उठाते हैं : स्वास्थ्य तथा फुरसत के क्षण।
वह व्यक्ति सफल हो गया, जिसने इस्लाम ग्रहण कर लिया तथा उसे ज़रूरत भर रोज़ी मिल गई और अल्लाह ने जो कुछ उसे दिया है, उससे संतुष्ट रहा।
तुममें से जो व्यक्ति इस अवस्था में सुबह करे कि वह शारीरिक रूप से स्वस्थ हो, उसकी जान सुरक्षित हो और उसके पास दिन भर के खाने की वस्तु हो, तो यह ऐसा है, जैसे उसे पूरी दुनिया दे दी गई हो।
तुम्हारे लिए वो सारी चीज़ें हैं, जिनकी तमन्ना तुमने की है और उनके साथ उनके समान और भी चीज़ें हैं।''
मोमिन के लिए जन्नत के अंदर एक खोखले मोती से बना एक तंबू होगा, जिसकी ऊँचाई साठ मील होगी। उसमें मोमिन की पत्नियाँ होंगी, जिनके पास वह आए-जाएगा और वह पत्नियाँ एक-दूसरे को देख नहीं सकेंगी।
बरकत वाले एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने अपने अच्छे कर्म करने वाले बंदों के लिए वह चीज़ें तैयार कर रखी हैं, जिन्हें न किसी आँख ने देखा है, न किसी कान ने सुना है और न किसी इनसान के दिल में उनका ख़याल आया है।
तुम लोग मुझसे इस बात पर बैअत करो कि तुम किसी को अल्लाह का साझी नहीं बनाओगे, चोरी नहीं करोगे, व्यभिचार नहीं करोगे
इस्लाम की शुरूआत एक अजनबी धर्म के रूप में हुई और शीघ्र ही वह पहले के समान अजनबी बन जाएगा। ऐसे में, शुभ सूचना है अजनबियों के लिए।
तुम लोग छोटे-छोटे गुनाहों से बचा करो।
सात प्रकार के लोग ऐसे हैं, जिनको अल्लाह उस दिन अपने अर्श के नीचे छाया देगा, जिस दिन उसकी छाया के अतिरिक्त कोई छाया नहीं होगी