عن عمرو بن شعيب، عن أبيه، عن جده، قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم :"إن أعتى الناس على الله ثلاثة: من قَتَلَ فِي حَرَمِ اللهِ، أَوْ قَتَلَ غَيْرَ قَاتِلِهِ، أَوْ قَتَلَ بِذُحُولِ الجاهلية". المزيد
अम्र बिन शुऐब से वर्णित है, वह अपने पिता से वर्णन करते हैं, तथा वह अपने दादा से रिवायत करते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “अल्लाह के समीप सबसे बड़ा सर्कश (विद्रोही) वह व्यक्ति है, जो अल्लाह के हरम में कत्ल करे, अथवा अपने क़ातिल के सिवा किसी और को कत्ल करे, या जाहिलियत की दुश्मनी का बदला लेते हुए क़त्ल करे।”