عن عائشة رضي الله عنها قالت: قال النبي صلى الله عليه وسلم:
«لَا تَسُبُّوا الْأَمْوَاتَ، فَإِنَّهُمْ قَدْ أَفْضَوْا إِلَى مَا قَدَّمُوا».
[صحيح] - [رواه البخاري] - [صحيح البخاري: 1393]
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आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया :
"मरे हुए लोगों को बुरा-भला न कहो, क्योंकि वे उसकी ओर जा चुके हैं, जो कर्म उन्होंने आगे भेजे हैं।"
[स़ह़ीह़] - [इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ बुख़ारी - 1393]
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि मरे हुए लोगों को गाली देना और उनके मान-सम्मान के साथ खेलना हराम है और यह अशिष्टता एवं असभ्यता है। क्योंकि वह अपने आगे भेजे हुए अच्छे या बुरे कर्मों तक पहुंच चुके हैं। दूसरी बात यह है कि यह गाली उनको तो पहुँचने से रही। इससे केवल जीवित लोगों को कष्ट होगा।