عن أبي هريرة -رضي الله عنه- قال: قال رسول الله -صلى الله عليه وسلم-: «أكْثَرُ مَا يُدْخِلُ الْجَنَّةَ تَقْوَى اللَّهِ وَحُسْنُ الْخُلُقِ».
[حسن صحيح.] - [رواه الترمذي.]
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अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “जन्नत में सर्वाधिक प्रवेश कराने वाली चीज़ अल्लाह का तक़वा (डर, भय) और अच्छे अख़लाक़ (शिष्टाचार) हैं।”
ह़सन सह़ीह़ - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है।

व्याख्या

इस हदीस में तक़वा यानी धर्मपरायणता की फ़ज़ीलत और उसके जन्नत में प्रवेश का सबब बनने का प्रमाण है। इसी तरह, इसमें अच्छे आचरण की फ़ज़ीलत का प्रमाण है। साथ ही यह कि यह दोनों चीज़ें बंदे को जन्नत में सबसे ज़्यादा दाखिल करने वाली और इस आशय की सबसे बड़ी चीज़ों में से एक है।

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1: जन्नत में प्रवेश का अवसर कुछ असबाब तथा कर्मों की बिना पर प्राप्त होगा, जिन्हें अल्लाह और उसके रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बयान कर दिया है।
2: जन्नत में प्रवेश के कुछ असबाब अल्लाह से संबद्ध हैं, जिनमें से एक यानी अल्लाह के भय का उल्लेख इस हदीस में है, जबकि कुछ असबाब सृष्टि से संबद्ध हैं, जिनमें से एक यानी अच्छे आचरण का उल्लेख इस हदीस में है।
3: इस हदीस में तक़वा की फ़ज़ीलत और इस बात का प्रमाण है कि यह जन्नत में प्रवेश का सबब है।
4: अच्छे आचरण की बहुत सी इबादतों की तुलना में अधिक फ़ज़ीलत है, तथा यह जन्नत में प्रवेश के कारणों में से एक कारण है।