सद्व्यवहार पर आधारित फ़िक़्ह

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हदीसों की सूची 131

''तुममें से कोई व्यक्ति उस समय तक मोमिन नहीं हो सकता, जब तक कि अपने भाई के लिए वही पसंद न करे, जो अपने लिए पसंद करता है।''
“अल्लाह ने हर चीज़ में अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया है।
पूर्व के नबियों की वाणियों में से जो बातें लोगों को प्राप्त हुईं, उनमें से एक यह है कि जब तेरे अंदर शर्म व हया न रहे, तो जो चाहे, कर।
“नेकी उत्तम आचरण है, तथा गुनाह वह है जो तुम्हारे हृदय में खटकता रहे और तुम यह नापसंद करो कि लोग उसे जानें।”
क्या मैं तुम्हें सबसे बड़े गुनाहों के बारे में न बताऊँ?
जब कोई अपने भाई से मोहब्बत रखे, तो उसे बता दे कि वह उससे मोहब्बत रखता है।
तुम लोग सात विनाशकारी वस्तुओं से बचो
अल्लाह उस व्यक्ति पर दया करे, जो बेचते, खरीदते और क़र्ज का तकाज़ा करते समय नर्मी से काम ले।
एक व्यक्ति लोगों को क़र्ज़ देता और अपने सेवकों से कहा करता कि जब किसी ऋण चुकाने में असमर्थ व्यक्ति के पास जाओ तो उसके क़र्ज़ की अनदेखी करो। हो सकता है कि अल्लाह हमारे गुनाहों की अनदेखी करे
“जहाँ कहीं भी रहो, अल्लाह से डरते रहो, बुरे कर्म के बाद अच्छे कर्म कर लिया करो, अच्छे कर्म बुरे कर्म को मिटा देंगे तथा लोगों के साथ उत्तम आचरण वाला व्यवहार करो।”
अल्लाह ने हर चीज़ के साथ अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया है
गुस्सा मत किया करो
न्याय करने वाले सर्वशक्तिमान एवं महान दयावान् (अल्लाह) के दाएँ जानिब, और उसके दोनों हाथ दाएँ हैं
जिसे नर्मी से वंचित कर दिया गया, उसे सारी भलाई से वंचित कर दिया गया।
बुरे गुमान से बचो, क्योंकि बुरा गुमान सबसे झूठी बात है।
किसी भी नेकी के काम को कदापि कमतर न जानो, चाहे इतना ही क्यों न हो कि तुम अपने भाई से मुस्कुराते हुए मिलो।
बलवान वह नहीं है, जो किसी को पछाड़ दे, बलवान तो वह है, जो क्रोध के समय अपने आप को नियंत्रण में रखे।
जिसने किसी अच्छे काम का मार्ग दिखाया, उसे उसके करने वाले के बराबर प्रतिफल मिलेगा
जन्नत में लगाई-बुझाई करने वाला व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा।
जो अल्लाह एवं अंतिम दिवस पर ईमान रखता हो, वह अच्छी बात करे या चुप रहे
जो लोगों पर दया नहीं करता, उसपर सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह भी दया नहीं करता।
”अल्लाह के पास सबसे घृणित व्यक्ति वह है, जो अत्यधिक झगड़ालू तथा हमेशा विवाद में रहने वाला हो।”
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को जन्नत में सबसे अधिक प्रवेश कराएगी, तो आपने कहा : “अल्लाह का डर और अच्छा व्यवहार
लज्जा ईमान का एक अंश है
“सच्चाई को मज़बूती से थाम लो, क्योंकि सच्चाई नेकी (सुकर्म) की राह दिखाती है और नेकी जन्नत की ओर ले जाती है।
“जो अपने भाई की मान-सम्मान की रक्षा करेगा, क़यामत के दिन अल्लाह जहन्नम की अग्नि से उसकी रक्षा करेगा।”
“निश्चय अल्लाह ऐसे बंदे से प्रेम करता है, जो धर्मशील, दिल का धनी और दिखावे से बचने वाला हो।”
सबसे सम्पूर्ण ईमान वाला व्यक्ति वह है, जो सबसे अच्छे आचरण वाला हो और तुम्हारे अंदर सबसे उत्तम व्यक्ति वह है, जो अपनी पत्नियों के हक़ में सबसे अच्छा हो।
दयालुता जिसमें भी होती है, उसे सुंदर बना देती है और जिससे निकाल ली जाती है, उसे कुरूप कर देती है।
मोमिन अपने अच्छे आचरण के कारण रोज़ेदार और तहज्जुद गुज़ार का दर्जा प्राप्त कर लेता है।
तुम्हारे अंदर सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जिसका आचरण सबसे अच्छा है।
निश्चय ही अल्लाह अत्याचारी को छूट देता रहता है और जब पकड़ता है, तो छोड़ता नहीं है
आसानी पैदा करो और कठिनाई में न डालो तथा सुसमाचार सुनाओ एवं घृणा मत दिलाओ।
दया करने वालों पर दयावान अल्लाह दया करता है। तुम ज़मीन वालों पर दया करो, आकाश वाला तुमपर दया करेगा।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने सर के कुछ भाग के बालों को मूँड़ने और कुछ भाग को छोड़ देने से मना किया है।
हम उमर रज़ियल्लाहु अनहु के पास मौजूद थे कि इसी दौरान उन्होंने कहा : "हमें तकल्लुफ़ करने यानी बिना ज़रूरत कष्ट उठाने से मना किया गया है।
इन दोनों को यातना दी जा रही है, और वह भी यातना किसी बड़े पाप के कारण नहीं दी जा रही है। दोनों में से एक पेशाब से नहीं बचता था, और दूसरा लगाई- बुझाई करता फिरता था।
मुझे एक ऐसा वाक्य मालूम है कि अगर यह व्यक्ति उसे पढ़ ले, तो इसका ग़ुस्सा ठंडा हो जाए। अगर इसने कहा : मैं शैतान से अल्लाह की शरण में आता हूँ। तो इसका ग़ुस्सा ठंडा हो जाएगा।
जो व्यक्ति दुनिया में किसी पर पर्दा डालेगा, अल्लाह क़यामत के दिन उसपर पर्दा डालेगा।
अल्लाह तआला ने कृपा को एक सौ भागों में बाँटकर अपने पास निन्यानवे भाग रख लिए और धरती में एक भाग उतारा। उसी एक भाग के कारण सारी सृष्टियाँ एक-दूसरे पर दया करती हैं, यहाँ तक कि एक चौपाया इस डर से पाँव को उठाए रहता है कि कहीं उसके बच्चे को चोट न लग जाए।
नेकी तो अच्छा व्यवहार है और गुनाह वह है जो तेरे दिल में खटके और तुझे यह बुरा लगे कि लोग उसे जान जाएँ।
पूर्व के नबियों की वाणियों में से जो बातें लोगों को प्राप्त हुईं, उनमें से एक यह है कि जब तेरे अंदर शर्म व हया न रहे, तो जो चाहे, कर।
''तुममें से कोई व्यक्ति उस समय तक मोमिन नहीं हो सकता, जब तक कि अपने भाई के लिए वही पसंद न करे, जो अपने लिए पसंद करता है।''
मुसलमान को गाली देना फ़िस्क़ (घोर पाप) है, और उससे लड़ाई करना कुफ़्र है।
तथा जो किसी इमाम की बैअत करे और उसे अपना हाथ तथा अपने दिल का फल दे दे, उसे चाहिए कि जहाँ तक हो सके, उसका अनुसरण करे। फिर अगर कोई दूसरा उसे अपने मातहत करने के लिए उससे झगड़ा करे, तो उसकी गरदन उड़ा दो।
कोई भी वस्तु तराज़ू में अच्छे आचरण से ज़्यादा भारी नहीं होगी और अल्लाह ऐसे व्यक्ति से नफ़रत करता है, जो बदज़ुबान और अनर्गल बकने वाला हो।
"बड़े पापों में से एक यह है कि आदमी अपने माता-पिता को गाली दे।" कहा गया कि क्या आदमी अपने माता-पिता को गाली दे सकता है? तो फ़रमायाः "हाँ, आदमी किसी के बाप को गाली दे, तो वह उसके बाप को गाली दे और आदमी किसी की माँ को गाली दे, तो वह उसकी माँ को गाली दे।"
जो लोगों की बात कान लगाकर सुने, जबकि उन्हें यह पसंद न हो, तो क़यामत के दिन उसके कानों में सीसा पिघलाकर डाला जाएगा।
बरबादी है उस व्यक्ति के लिए, जो लोगों से बात करता है और उन्हें हँसाने के लिए झूठ बोलता है। बरबादी है उसके लिए। फिर बरबादी है उसके लिए।
अत्याचार से बचो, क्योंकि अत्याचार क़यामत के दिन अंधेरों के रूप में सामने आएगा। अति कंजूसी से बचो, क्योंकि अति कंजूसी ने तुमसे पूर्व के लोगों का विनाश किया है।
मैं उस व्यक्ति के लिए जन्नत के अंदर एक घर की गारंटी लेता हूँ, जो सत्य पर होने के बावजूद व्यर्थ तर्क करना छोड़ दे।
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को सबसे ज़्यादा जन्नत में दाख़िल करेगी? तो आपने उत्तर दिया : "अल्लाह का भय और अच्छा आचरण।" साथ ही पूछा गया कि कौन-सी चीज़ सबसे ज़्यादा जहन्नम में दाख़िल करेगी? तो उत्तर दिया : "मुँह और शर्मगाह।"
तीन प्रकार के लोगों से अल्लाह क़यामत के दिन न बात करेगा, न उन्हें पवित्र करेगा और न उनकी ओर देखेगा।
वह व्यक्ति जन्नत में प्रवेश नहीं करेगा, जिस के दिल में रत्ती बराबर भी अहंकार होगा
क्या तुम जानते हो कि निर्धन कौन है?
जो व्यक्ति मेरे हवाले से कोई बात बताए और उसे लगता हो कि वह झूठ है, तो वह झूठों में से एक है।
यदि तुम मुसलमानों की छुपी हुई कमियों की जासूसी करते रहोगे तो उन्हें और अधिक बिगाड़ दोगे या बिगड़ने की कगार पर ले आओगे
जो किसी दूसरे की पत्नी अथवा दासी को धोका दे अथवा बिगाड़े, वह हममें से नहीं है
निस्संदेह शैतान इस बात से निराश हो चुका है कि मुसलमान अरब प्रायद्वीप में उसकी इबादत करेंगे। लेकिन उसकी आशाएँ मुसलमानों के बीच फूट डालने के संबंध में जीवित हैं।
एक मर्द दूसरे मर्द के गुप्तांग और एक महिला दूसरी महिला के गुप्तांग को न देखे
मुसलमान वह है, जिसकी ज़बान और हाथ से मुसलमान सुरक्षित रहें और मुहाजिर वह है, जो अल्लाह की मना की हुई चीज़ें छोड़ दे।
जिसने जान-बूझकर मुझपर झूठ बोला, वह अपना ठिकाना जहन्नम बना ले।
“आदमी के अच्छे मुसलमान होने की एक निशानी यह है कि वह बेमतलब की चीज़ों को छोड़ दे।”
मोमिन ताना देने वाला, लानत करने वाला, बदज़ुबान और अनर्गल बकने वाला नहीं होता।
जब क़यामत के दिन अल्लाह पहले के और बाद के तमाम लोगों को एकत्र करेगा, तो हर विश्वासघात करने वाले के लिए एक-एक झंडा ऊँचा किया जाएगा। कहा जाएगा : यह अमुक के पुत्र अमुक का विश्वासघात है।
अल्लाह तआला के सम्मान में यह बात भी सम्मिलित है कि सफ़ेद बाल वाले मुसलमान का तथा उस कुरवान वाले का, जो न उसमें अतिशयोक्ति करता हो और न उससे बेवफ़ाई करता हो एवं उस प्रशासक का सम्मान किया जाए, जो न्यायप्रिय हो।
जो अल्लाह पर तथा क़यामत के दिन पर ईमान रखता हो, वह अतिथि का सम्मान करने के मामले में उसका हक़ अदा करे। सहाबा ने कहाः उसका हक़ क्या है, ऐ अल्लाह के रसूल? तो फ़रमायाः एक दिन और एक रात तथा अतिथि सत्कार तीन दिन है। जो इससे अधिक हो वह अतिथि के ऊपर सदक़ा है।
अमानतदार, मुसलमान कोषाधिकारी, जो खुशी-खुशी अक्षरशः उसका पालन करता हो, जिसका आदेश उसे मिला हो और वहीं खर्च करता हो, जहाँ खर्च करने का आदेश उसे दिया गया हो, वह भी एक सदक़ा करने वाला है।
मेरी उम्मत का निर्धन वह व्यक्ति है, जो क़यामत के दिन नमाज़, रोज़ा और ज़कात के साथ आए, लेकिन इस अवस्था में उपस्थित हो कि किसी को गाली दे रखी हो, किसी पर दुष्कर्म का आरोप लगा रखा हो, किसी का रक्त बहा रखा हो और किसी को मार रखा हो, अतः इसे उसकी कुछ नेकियाँ दे दी जाएंगी और इसे कुछ नेकियाँ दे दी जाएंगी।
जिसने अपने क्रोध पर नियंत्रण रखा, जबकि वह उसे चरितार्थ करने में सक्षम था, तो क़यामत के दिन अल्लाह उसे सारी सृष्टियों के सामने बुलाएगा और यह अख़्तियार देगा कि बड़ी-बड़ी आँखों वाली हूरों में से जिसे चाहे, चुन ले।
जो इन पुत्रियों के द्वारा कुछ आज़माया जाए, फिर वह उनके साथ अच्छा व्यवहार करे, तो वे उनके लिए जहन्नम की आग से बचाव का माध्यम बन जाएँगी।
अल्लाह तआला क़यामत के दिन कहेगाः मेरे प्रताप के कारण एक-दूसरे से प्रेम करने वाले कहाँ हैं? आज मैं उन्हें अपनी छाया में जगह दूँगा, जबकि मेरी छाया के अतिरिक्त कोई छाया नहीं है।
सिफ़ारिश करो, प्रतिफल प्राप्त करोगे तथा अल्लाह अपने नबी की ज़बान से वह निर्णय देगा, जो उन्हे पसंद होगा।
सबसे बड़ी झूठी बातों में से यह है कि आदमी अपने पिता के अलावा किसी और से संबंध जोड़े या अपनी आँख को वह दिखाए जो उसने देखा न हो या अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से संबद्ध वह बात कहे, जो आपने न कही हो
अल्लाह तआला के निकट सबसे अच्छा साथी वह है, जो अपने साथियों के लिए सबसे अच्छा हो और अल्लाह तआला के निकट सबसे अच्छा पड़ोसी वह है, जो अपने पड़ोसी के लिए सबसे अच्छा हो
वास्तविक मालदारी का बयान और अल्लाह ने जो कुछ दिया है, उससे संतुष्ट रहने की ओर प्रेरित करना।
झूठा वह नहीं है जो लोगों के बीच सुधार का प्रयास करे एवं भली बात पहुँचाए अथवा अच्छी बात कहे।
मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ जा रहा था और आपके शरीर पर एक मोटे किनारे वाली नजरानी चादर थी। इसी बीच, आपको एक देहाती मिला और बड़े ज़ोर से चादर पकड़कर खींचा।
"عليك السلام" न कहो, क्योंकि "عليك السلام" मरे हुए लोगों का सलाम है। बल्कि "السلام عليك" कहो।
यदि आदम की संतान को सोने की एक घाटी मिल जाए, तो वह चाहेगा कि उसे दो घाटियाँ मिल जाएँ। केवल मिट्टी ही उसके मुँह को भर सकती है तथा जो तौबा करेगा, अल्लाह उसकी तौबा क़बूल करेगा।
अलल्लाह की प्रसन्नता माता-पिता की प्रसन्नता में है और अल्लाह की अप्रसन्नता माता-पिता की अप्रसन्नता में है।
जिसने अल्लाह के लिए विनम्रता दिखाते हुए ऐसा वस्त्र पहनने से गुरेज़ किया, जिसे पहनने की वह शक्ति रखता है, अल्लाह क़यामत के दिन उसे सारी सृष्टियों के सामने बुलाएगा और अख़्तियार देगा कि ईमान का जो जोड़ा वह पहनने चाहे, पहन ले।
अल्लाह तआला ने मेरी ओर वह़्य की है कि तुम लोग विनम्रता धारण करो, यहाँ तक कि कोई किसी पर अत्याचार न करे और न कोई किसी को घमंड दिखाए।
निश्चित रूप से तुम अपने धन में सब लोगों को शामिल नहीं कर सकते, लेकिन तुम्हारे हँसते चेहरे और अच्छे व्यवहार के दायरे में सबको आ जाना चाहिए।
जो व्यक्ति अपने आपको बड़ा समझे और अकड़कर चले, वह क़यामत के दिन अल्लाह से इस अवस्था में मिलेगा कि अल्लाह उससे क्रोधित होगा।
क्या तुम नहीं सुनते? क्या तुम नहीं सुनते? निश्चय ही सादगी और सरलता ईमान की निशानी है। निश्चय ही सादगी और सरलता ईमान की पहचान है।
निश्चय ही अल्लाह दयालु है और वह प्रत्येक वस्तु में दयालुता को पसंद करता है।
तुम्हारे स्वभाव में दो ऐसी बातें हैं, जिन्हें अल्लाह पसंद करता है : सहनशीलता और धैर्य।
कंजूस और खर्च करने वाले का उदाहरण उन दो व्यक्तियों की तरह है, जिनपर छाती से लेकर हँसली तक लोहे के दो कवच हों।
ऐ मुहाजिरो और अंसारियो! तुम्हारे कुछ भाई ऐसे हैं, जो न धन रखते हैं न कुनबा। अतः, तुममें से हर व्यक्ति अपने साथ दो या तीन लोगों को मिला ले।
भूखे को खाना खिलाओ, बीमार की देखभाल करो और क़ैदी को रिहा कराओ।
जिसने ऐसा ज्ञान प्राप्त किया, जिससे अल्लाह की खुशी प्राप्त की जाती है
यह दया है, जिसे अल्लाह -तआला- ने अपने बंदों के दिलों में रखा है और अल्लाह अपने उन बंदों पर दया करता है, जो दूसरों पर दया करते हैं।
जिस मुस्लिम के तीन बच्चे मर जाएँ, उसे जहन्नम की आग केवल क़सम पूरी करने भर छूएगी
दो गाली देने वालों की गाली की लानत, आरंभ करने वाले पर होगी, जब तक कि पीड़ित आत्याचार न करे
एक व्यक्ति को उनके पास लाया गया और उन से कहा गया: यह अमुक आदमी है, इसकी दाढ़ी से शराब टपक रही है। यह सुन कर आपने फ़रमाया: हमें जासूसी करने से मना किया गया है, लेकिन यदि कोई चीज़ ज़ाहिर हो तो हम उसकी उसके कारण पकड़ करेंगे
किसी मुस्लिम के लिए जायज़ नहीं है कि अपने भाई को तीन दिन से अधिक छोड़े रखे, जिसने तीन दिन से अधिक छोड़े रखा और इसी दशा में मर गया तो वह जहन्नम में दाख़िल होगा
बेशक अल्लाह तआला उन लोगों को -क़यामत के दिन- यातना देगा जो दुनिया में लोगों को यातना देते हैं
जो अपने दास को बिना किसी कारण के मारता है, उसका प्रायश्चित यह है कि उसे मुक्त कर दे
आप न तो अपशब्द बोलने वाले थे न ही अश्लील बातें करने वाले और न ही बाजारों में जा कर हल्ला करने वाले, आप बुराई का बदला बुराई से नहीं देते थे, बल्कि आप माफ कर देते तथा नजरअंदाज कर देते।
जब तुममें से किसी का सेवक उसके सामने भोजन परोसे, तो अगर उसे अपने साथ न बिठा सके, तो उसे एक-दो लुक़मा या एक-दो निवाला ज़रूर दे, क्योंकि उसने उसे तैयार करने का काम किया है।
इसे छोड़ दो, क्योंकि यह एक बदबूदार चीज़ है।
उसपर लानत न भेजो, अल्लाह की क़सम! मुझे मालूम है कि वह अल्लाह और उसके रसूल से प्रेम करता है।
उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) ईमान नहीं, जिसके पास अमानतदारी न हो और उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) दीन नहीं, जो वचन का पालन न करता हो।
क्या मैं तुम्हें यह न बताऊँ कि तुममें से अच्छा कौन है और बुरा कौन?
जो लोगों का शुक्र अदा नहीं करता, वह अल्लाह का शुक्र अदा नहीं कर सकता।
अल्लाह की क़सम, मैं किसी को देता हूँ और किसी को नहीं भी देता हूँ, जबकि जिसे नहीं देता, वह उससे कहीं अधिक प्रिय होता है, जिसे देता हूँ
एक व्यक्ति अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर कहने लगाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं (भूख से) निढाल हूँ।
मालदार व्यक्ति का कर्ज़ अदा करने में टाल-मटोल करना ज़ुल्म है और अगर तुममें से किसी को किसी मालदार के पीछे लगा दिया जाए तो वह पीछे लग जाए।
तुम एक ऐसे व्यक्ति हो, जिसके अंदर जाहिलयत की कुछ बातें पाई जाती हैं। वे तुम्हारे भाई और दास हैं। उन्हें अल्लाह ने तुम्हारे नियंत्रण में रखा है। अतः, जिसके मातहत उसका कोई भाई हो, वह उसे वही खिलाए जो स्वयं खाए, वही पहनाए जो स्वयं पहने और उन्हें ऐसे कार्य करने को न कहो, जो वे कर न सकें और अगर करने को कह भी दो, तो उनकी सहायता करो।
नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने बनी इसराईल के एक व्यक्ति की घटना सुनाई, जिसने बनी इसराईल के एक अन्य व्यक्ति से एक हज़ार दीनार क़र्ज़ माँगे थे।
ऐ अबू मसऊद! जान लो कि अल्लाह तुम पर तुम्हारे इस ग़ुलाम पर सामर्थ्य से अधिक सामर्थ्य रखता है। तो मैंने कहा: इसके पश्चात मैं कभी किसी दास को नहीं मारुँगा
तुमने एक ऐसी बात कह दी है कि यदि उसे समुद्र के पानी से मिला दिया जाए, तो उसे नष्ट कर डाले।
“आपस में ईर्ष्या मत करो, क्रय-विक्रय में एक दूसरे से छल मत करो, एक-दूसरे से घृणा मत करो, एक-दूसरे से मुख मत फेरो तथा किसी के व्यापार पर व्यापार मत करो। अल्लाह के बंदों, आपस में भ्रातृत्व भाव (भाई-चारे) से रहो।
बहुत ज़्यादा लानत करने वाले क़यामत के दिन गवाही देने वाले और सिफ़ारिश करने वाले नहीं होंगे।
तुममें से मेरी नज़र में सबसे प्यारे और क़यामत के दिन मेरे सबसे अधिक करीब बैठने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले लोग वह होंगे, जो आचरण के ऐतबार से तुममें सबसे अच्छे हैं।
बेशक मुझे सदाचार को पूर्ण रूप देने के लिए भेजा गया है।