1. मुख्य
  2. श्रेणियाँ
  3. फ़ज़ीलतें तथा आदाब

हदीस झूठा वह नहीं है जो लोगों के बीच सुधार का प्रयास करे एवं भली बात पहुँचाए अथवा अच्छी बात कहे।

عن أم كلثوم بنت عقبة بن أبي مُعَيط رضي الله عنها قالت: سمعت رسول الله صلى الله عليه وسلم يقول: «ليس الكذاب الذي يُصلح بين الناس فَيَنْمِي خيرًا، أو يقول خيرًا» وفي رواية مسلم زيادة، قالت: ولم أسمعه يُرَخِّصُ في شيء مما يقوله الناس إلا في ثلاث، تعني: الحرب، والإصلاح بين الناس، وحديث الرجل امرأته، وحديث المرأة زوجها.

उम्मे कुलसूम बिंत उक़बा बिन अबू मोऐत- रज़ियल्लाहु अन्हा- कहती हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को कहते हुए सुना हैः झूठा वह नहीं है, जो लोगों के बीच सुधार का प्रयास करे एवं भली बात पहुँचाए अथवा अच्छी बात कहे। तथा सह़ीह़ मुस्लिम की रिवायत में इतना अधिक हैः वह कहती हैंः मैंने नहीं सुना है कि आपने तीन स्थानों के सिवा कहीं और झूठ बोलने की अनुमति दी हो। यानी युद्ध में, लोगों के बिगड़े संबंधों को बेहतर बनाने के लिए तथा पति के अपनी पत्नी से बात करते समय एवं पत्नी के अपने पति से बात करते समय।

सह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

स्पष्टीकरण

अनुवाद दिखाएँ

14 भाषा
EN English الإنجليزية
UR اردو الأوردية
ES Español الإسبانية
ID Indonesia الإندونيسية
BN বাংলা البنغالية
FR Français الفرنسية
TR Türkçe التركية
RU Русский الروسية
BS Bosanski البوسنية
ZH 中文 الصينية
FA فارسی الفارسية
VI Tiếng Việt الفيتنامية
TL Tagalog تجالوج
KU Kurdî الكردية