हदीसों की सूची 8

मैं औरतों से मुसाफ़हा नहीं करता। मेरा एक औरत से बात करना एक सौ औरतों से बात करने की तरह है।
झूठा वह नहीं है जो लोगों के बीच सुधार का प्रयास करे एवं भली बात पहुँचाए अथवा अच्छी बात कहे।
अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) घर में क्या करते थे? उन्होंने कहा कि आप अपने घर वालों की सेवा में लगे रहते और जब नमाज़ का समय आता, तो नमाज़ के लिए चले जाते
जब अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) किसी यात्रा में निकलने का इरादा करते, तो अपनी पत्नियों के बीच क़ुरआ अंदाज़ी करते और जिसका नाम निकलता उसे साथ लेकर यात्रा में निकलते।
नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने ज़नाने मर्द और मर्दानी औरतों पर लानत फरमाई है तथा आपने फ़रमाया : “उन्हें अपने घरों से निकाल दो।”
एक व्यक्ति ने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर कहाः मेरी पत्नी यदि कोई उसे छूना चाहे, तो आपत्ति नहीं करती (अर्थात: वह पुरुषों के साथ बात-चीत करने से नहीं बचती है, न उनसे टीक से परदा करती है, चुनांचे वह उससे मुसाफहा करलेते हैं या उसे छूलेते हैं, तो इसकी परवाह नही करती है)। आपने कहाः "उसे तलाक़ देकर अलग कर दो।" उसने कहाः मुझे भय है कि कहीं मेरा दिल उसमें अटका न रहे। फ़रमायाः "तब उससे लाभ उठाते रहो।"