عن أبي موسى الأشعري -رضي الله عنه- قَالَ: قالَ رسول اللَّه -صَلّى اللهُ عَلَيْهِ وسَلَّم-: «إِنَّ مِنْ إِجْلاَلِ الله -تَعَالَى-: إِكْرَامَ ذِي الشَّيْبَةِ المُسْلِمِ، وَحَامِلِ القُرْآنِ غَيرِ الغَالِي فِيه، وَالجَافِي عَنْه، وَإِكْرَام ذِي السُّلْطَان المُقْسِط».
[حسن.] - [رواه أبو داود.]
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अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "अल्लाह तआला के सम्मान में यह बात भी सम्मिलित है कि सफ़ेद बाल वाले मुसलमान का तथा उस कुरवान वाले का, जो न उसमें अतिशयोक्ति करता हो और न उससे बेवफ़ाई करता हो एवं उस प्रशासक का सम्मान किया जाए, जो न्यायप्रिय हो।"
ह़सन - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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