عن أبي مسعود الأنصاري -رضي الله عنه- مرفوعاً: «إنَّ مما أدرَكَ الناسُ من كلام النبوة الأولى إذا لم تستحي فاصنعْ ما شِئْتَ».
[صحيح.] - [رواه البخاري.]
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अबू मसऊद अंसारी- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः लोगों को पहले के नबियों की जो बातें प्राप्त हुई हैं, उनमें से एक यह है कि यदि तुम्हें शर्म न आए तो जो चाहो, करो।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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