1. मुख्य
  2. श्रेणियाँ
  3. फ़ज़ीलतें तथा आदाब

हदीस बरकत वाले एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने अपने अच्छे कर्म करने वाले बंदों के लिए वह चीज़ें तैयार कर रखी हैं, जिन्हें न किसी आँख ने देखा है, न किसी कान ने सुना है और न किसी इनसान के दिल में उनका ख़याल आया है।

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ:
«قَالَ اللَّهُ تَبَارَكَ وَتَعَالَى: أَعْدَدْتُ لِعِبَادِي الصَّالِحِينَ، مَا لاَ عَيْنٌ رَأَتْ، وَلاَ أُذُنٌ سَمِعَتْ، وَلاَ خَطَرَ عَلَى قَلْبِ بَشَرٍ» قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ: اقْرَؤُوا إِنْ شِئْتُمْ: {فَلاَ تَعْلَمُ نَفْسٌ مَا أُخْفِيَ لَهُمْ مِنْ قُرَّةِ أَعْيُنٍ} [السجدة: 17].

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है :
बरकत वाले एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने अपने अच्छे कर्म करने वाले बंदों के लिए वह चीज़ें तैयार कर रखी हैं, जिन्हें न किसी आँख ने देखा है, न किसी कान ने सुना है और न किसी इनसान के दिल में उनका ख़याल आया है।" अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- ने कहा : यदि तुम चाहो, तो यह आयत पढ़ लो : (कोई प्राणी नहीं जानता कि हमने उनके लिए आँखें ठंडी करने वाली क्या-क्या चीज़ें छुपा रखी हैं।) [सूरा सजदा : 17]

स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है सह़ीह़ बुख़ारी - 4779

स्पष्टीकरण

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्मल ने बताया है कि बरकत वाले तथा महान अल्लाह ने कहा है : मैंने जन्नत के अंदर अपने सदाचारी बंदों के सम्मान में ऐसी-ऐसी चीज़ें तैयार कर रखी हैं, जिन्हें न किसी आँख ने देखा है, न किसी कान ने उनकी विशेषताओं को सुना है और न उनकी वास्तविकता की कल्पना किसी दिल ने की है। इस हदीस को बयान करने के बाद अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- ने कहा कि यदि तुम चाहो तो यह आयत पढ़ लो :
"कोई प्राणी नहीं जानता कि उनके लिए आँखें ठंडी करने वाली क्या-क्या चीज़ें छुपाकर रखी गई हैं।" [सूरा सजदा : 17]

हदीस के कुछ फ़ायदे

  1. यह हदीस उन हदीसों में से है, जो अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अपने रब से रिवायत करके कहा है। इस तरह की हदीस को हदीस-ए-क़ुदसी या हदीस-ए-इलाही कहा जाता है। इससे मुराद वह हदीस है, जिसके शब्द तथा अर्थ दोनों अल्लाह के हों। हालाँकि, इसमें क़ुरान की वे विशेषताएँ नहीं हैं जो क़ुरान को दूसरों से अलग करती हैं, जैसे कि क़ुरान की तिलावत के माध्यम से इबादत करना, इसकी तिलावत के लिए तहारत प्राप्त करना, इसका चमत्कारी होना और इसके द्वारा चुनौती देना, आदि।
  2. नेकी के काम करने तथा गुनाहों से दूर रहने की प्रेरणा, ताकि अल्लाह के द्वारा सदाचारी बंदों के लिए तैयार की गई नेमतें प्राप्त हो सकें।
  3. अल्लाह ने अपनी किताब तथा अपने रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत द्वारा हमें जन्नत की सारी नेमतों के बारे में बताया नहीं है। जन्नत की जिन नेमतों को हम जानते हैं, उनसे वो नेमतें कहीं अधिक बड़ी हैं, जिन्हें हम नहीं जानते।
  4. जन्नत की सारी नेमतें संपूर्ण होंगी और जन्नतियों को मिलने वाली प्रसन्नताएँ हर प्रकार के विघ्न से खाली होंगी।
  5. सारी की सारी चीज़ें फ़ना हो जाएँगी और आख़िरत बेहतर तथा अधिक स्थायी है।

अनुवाद दिखाएँ

44 भाषा
EN English الإنجليزية
UR اردو الأوردية
ES Español الإسبانية
ID Indonesia الإندونيسية
UG ئۇيغۇرچە الأيغورية
BN বাংলা البنغالية
TR Türkçe التركية
RU Русский الروسية
BS Bosanski البوسنية
SI සිංහල السنهالية
ZH 中文 الصينية
FA فارسی الفارسية
VI Tiếng Việt الفيتنامية
TL Tagalog تجالوج
KU Kurdî الكردية
HA Hausa الهوسا
PT Português البرتغالية
ML മലയാളം المليالم
TE తెలుగు التلغو
SW Kiswahili السواحيلية
TA தமிழ் التاميلية
MY မြန်မာ البورمية
TH ไทย التايلندية
PS پښتو بشتو
AS অসমীয়া الأسامية
SQ Shqip الألبانية
SV Svenska السويدية
AM አማርኛ الأمهرية
NL Nederlands الهولندية
GU ગુજરાતી الغوجاراتية
PRS دری الدرية
SR Српски الصربية
RO Română الرومانية
HU Magyar المجرية
MOS Moore الموري
MG Malagasy المالاجاشية
KN ಕನ್ನಡ الكانادا
WO Wolof الولوف
UK Українська الأوكرانية
KA ქართული الجورجية
MK Македонски المقدونية
KM ភាសាខ្មែរ الخميرية
PA ਪੰਜਾਬੀ البنجابية
MR मराठी الماراثية