عن عبد الله بن عمر -رضي الله عنهما- قال: سمعت رسول الله -صلى الله عليه وسلم- يقول: «إذا أراد اللهُ بقومٍ عذابًا، أصابَ العذابُ من كان فيهم، ثم بُعِثوا على أعمالهم».
[صحيح] - [متفق عليه]
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अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते हुए सुनाः जब अल्लाह किसी समुदाय को अज़ाब में लिप्त करना चाहता है, तो प्रत्येक व्यक्ति को उस अज़ाब से ग्रस्त करता है, फिर हर एक अपने कर्मों के अनुसार उठाया जाएगा।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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