عن ابن عباس رضي الله عنهما موقوفًا عليه: «الكُرسِيُّ مَوْضِع القَدَمَين، والعَرْش لا يَقْدِرُ أحدٌ قَدْرَه». المزيد
अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अनहु) से मौक़ूफन वर्णित हैः कुर्सी दोनों पैरों के रखने का स्थान है और अर्श की विशालता का अनुमान, कोई नहीं लगा सकता।