عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضيَ اللهُ عنهُ سمعتُ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يقولُ:
«أَلاَ إِنَّ الدُّنْيَا مَلْعُونَةٌ، مَلْعُونٌ مَا فِيهَا، إِلاَّ ذِكْرُ اللهِ وَمَا وَالاَهُ وَعَالِمٌ أَوْ مُتَعَلِّمٌ».
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अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैैंनेे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सुना है :
"सुन लो! दुनिया धिक्कारयोग्य है और जो कुछ उसमें है सब धिक्कारयोग्य है, सिवाय अल्लाह के ज़िक्र और उससे संबंधित वस्तुओं के तथा ज्ञानी एवं ज्ञानार्जन करने वाले व्यक्ति के।"