عن أبي هريرة رضي الله عنه أن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «كُتب على ابن آدم نَصِيبُه من الزِنا مُدْرِكُ ذلك لا مَحَالة: العينان زِناهما النَظر، والأُذنان زِناهما الاستماع، واللسان زِناه الكلام، واليَدُ زِناها البَطْش، والرِّجل زِناها الخُطَا، والقلب يَهْوَى ويتمنى، ويُصَدِّق ذلك الفَرْج أو يُكذِّبُه». المزيد
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) वर्णन करते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: मानव के भाग्य में ज़िना (व्याभिचार) लिख दिया गया है, जिसे वह करके रहेगा: आँखों का ज़िना देखना है। कानों का ज़िना सुनना है और ज़बान का ज़िना गंदी बात करनी है। हाथों का ज़िना पकड़ना है और पैर का ज़िना, चलकर जाना है। दिल चाहता और तमन्ना करता है और गुप्तांग, उसे सच कर दिखाता है अथवा उसे झुठला देता है।