عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضيَ اللهُ عنهُ أَنَّ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ:
«إِنَّ فِي الْجَنَّةِ لَسُوقًا، يَأْتُونَهَا كُلَّ جُمُعَةٍ، فَتَهُبُّ رِيحُ الشَّمَالِ فَتَحْثُو فِي وُجُوهِهِمْ وَثِيَابِهِمْ، فَيَزْدَادُونَ حُسْنًا وَجَمَالًا، فَيَرْجِعُونَ إِلَى أَهْلِيهِمْ وَقَدِ ازْدَادُوا حُسْنًا وَجَمَالًا، فَيَقُولُ لَهُمْ أَهْلُوهُمْ: وَاللهِ لَقَدِ ازْدَدْتُمْ بَعْدَنَا حُسْنًا وَجَمَالًا، فَيَقُولُونَ: وَأَنْتُمْ وَاللهِ لَقَدِ ازْدَدْتُمْ بَعْدَنَا حُسْنًا وَجَمَالًا».
[صحيح] - [رواه مسلم] - [صحيح مسلم: 2833]
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अनस -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है :
“जन्नत में एक बाज़ार है, जहाँ जन्नती प्रत्येक जुमा को जाएँगे, उस समय उत्तरी हवा चलेगी जो उनके चेहरों तथा कपड़ों पर धूल डाल देगी, जिससे वे और अधिक खूबसूरत एवं सुंदर हो जाएँगे और जब अपने परिवार के पास खूबसूरत होकर लौटेंगे, तो उनके परिवार वाले कहेंगे : अल्लाह की क़सम, तुम लोग तो हमारे बाद और अधिक खूबसूरत तथा सुंदर हो गए हो। इसपर वे कहेंगे : अल्लाह की क़सम, हमारे बाद, तुम भी अधिक ख़ूबसूरत एवं सुंदर हो गए हो।”
[स़ह़ीह़] - [इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ मुस्लिम - 2833]
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि जन्नत में एक स्थान है, जहाँ जन्नती एकत्र होंगे। वहाँ ख़रीद-बिक्री नहीं होगी। वहाँ से जन्नती जो चाहें ले सकेंगे। वहाँ वे हर सात दिन के समान समय पर आएँगे। इसी बीच उत्तरी हवा चलेगी और उनके चेहरों तथा कपड़ों पर धूल डाल देगी, जिससे उनका सुंदरता और निखर जाएगी। अतः जब वे इस बढ़ी हुई सुंदरता के साथ घर वालों के पास जाएँगे, तो घर वाले उनसे कहेंगे : अल्लाह की क़सम, तुम हमारे (यहाँ से जाने के बाद) और अधिक सुंदर हो गए हो। चुनांचे वे कहेंगे : अल्लाह की क़सम, तुम भी हमारे (जाने के) बाद और अधिक सुंदर हो गए हो।