عن أنس بن مالك -رضي الله عنه- مرفوعاً: «إن في الجنة سوقاً يأتونها كل جمعة. فَتَهُبُّ ريح الشمال، فَتَحْثُو في وجوههم وثيابهم، فيزدادون حسناً وجمالاً فيرجعون إلى أهليهم، وقد ازدادوا حسناً وجمالاً، فيقول لهم أهلوهم: والله لقد ازددتم حسناً وجمالاً! فيقولون: وأنتم والله لقد ازددتم بعدنا حسناً وجمالاً!».
[صحيح] - [رواه مسلم]
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अनस बिन मालिक -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- से मरफ़ूअन रिवायत है : “जन्नत में एक बाज़ार है, जहाँ जन्नती प्रत्येक जुमा को जाएँगे, उस समय उत्तरी हवा चलेगी जो उनके चेहरों तथा कपड़ो पर धूल डाल देगी, जिससे वे और अधिक खूबसूरत हो जाएँगे और जब अपने परिवार के पास खूबसूरत होकर लौटेंगे, तो वे कहेंगे : अल्लाह की क़सम, तुम लोग तो खूबसूरत हो गए हो। इसपर वे कहेंगे : अल्लाह की क़सम, हमारे बाद, तुम भी अति सुंदर हो गए हो।”
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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