عن أبِي هريرة رضي اللَّه عنه: سمعتُ النبِيّ صلى الله عليه وسلم يقول:
«الفِطْرَةُ خمسٌ: الخِتَانُ والاستحدادُ وقصُّ الشَّارِبِ وتقليمُ الأظفارِ وَنَتْفُ الآبَاطِ».
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अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से वर्णित है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को यह कहते हुए सुना है :
"पाँच चीज़ें (मानव) प्रकृति (का हिस्सा) हैं ; ख़त्ना करना, नाभी के नीचे के बाल मूँडना, मूँछें छोटी करना, नाख़ून काटना और बग़ल के बाल उखाड़ना।"