عن أبي مسعود البدري -رضي الله عنه- عن النبي -صلى الله عليه وسلم- قال: «مَنْ قَرَأَ بِالآيَتَيْنِ مِنْ آخر سُورَةِ البَقَرَةِ في لَيْلَةٍ كَفَتَاه».
[صحيح.] - [متفق عليه.]
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अबू मसऊद बदरी (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जिसने सूरा बक़रा की अंतिम दो आयतें रात में पढ़ लीं, वह उनके लिए काफ़ी हैं।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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