عَنْ جَابِرٍ رضي الله عنه قَالَ: سَمِعْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَبْلَ وَفَاتِهِ بِثَلَاثٍ يَقُولُ:
«لَا يَمُوتَنَّ أَحَدُكُمْ إِلَّا وَهُوَ يُحْسِنُ بِاللهِ الظَّنَّ».
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जाबिर रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को फ़रमाते हुए सुना है :
"तुममें से हर व्यक्ति की मृत्यु इस अवस्था में आनी चाहिए कि वह अल्लाह से अच्छा गुमान रखता हो।"