عن أبي موسى الأشعري رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال:
«مَنْ حَمَلَ عَلَيْنَا السِّلَاحَ فَلَيْسَ مِنَّا».

[صحيح] - [متفق عليه] - [صحيح البخاري: 7071]
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अबू मूसा अशअरी रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया :
"जिसने हमपर हथियार उठाया, वह हममें से नहीं है।"

[स़ह़ीह़] - [इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ बुख़ारी - 7071]

व्याख्या

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम मुसलमानों को भयभीत करने अथवा उनको लूटने के लिए उनपर हथियार उठाने से सावधान कर रहे हैं।क्योंकि जिसने नाहक़ ऐसा किया, उसने बहुत बड़ा अपराध तथा कबीरा गुनाह किया और वह इस गंभीर धमकी का हकदार हो गया।

हदीस का संदेश

  1. इस बात पर कठोर चेतावनी कि कोई मुसलमान अपने मुसलमान भाइयों से लड़ाई करे।
  2. मुसलमानों पर हथियार उठाना तथा उनकी हत्या करना एक बहुत बड़ा अनुचित कार्य तथा धरती में फ़साद फैलाना है।
  3. इस हदीस में दी गई चेतावनी के अंदर हक़ के साथ किया जाने वाला युद्ध, जैसे बाग़ियों और फ़साद फैलाने वालों से किया जाने वाला युद्ध शामिल नहीं है।
  4. मुसलमान को हथियार आदि दिखाकर भयभीत करना हराम है, चाहे मज़ाक़ के तौर पर ही क्यों न हो।
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