عَن زَيْدِ بْنِ خَالِدٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ:
«مَنْ جَهَّزَ غَازِيًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ فَقَدْ غَزَا، وَمَنْ خَلَفَ غَازِيًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ بِخَيْرٍ فَقَدْ غَزَا».
[صحيح] - [متفق عليه] - [صحيح البخاري: 2843]
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ज़ैद बिन ख़ालिद जुहनी रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है :
"जिसने अल्लाह के रास्ते में युद्ध करने वाले किसी व्यक्ति को युद्ध के सामान देकर तैयार किया, उसने युद्ध किया और जिसने किसी युद्ध पर गए हुए व्यक्ति के घर वालों की अच्छी तरह देख-रेख की, उसने युद्ध किया।"
[स़ह़ीह़] - [इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ बुख़ारी - 2843]
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि जिसने अल्लाह की राह में लड़ रहे योद्धा के लिए युद्ध का आवश्यक साधनों, जैसे हथियार, सवारी एवं रसद आदि का प्रबंध किया, वह योद्धा के समान है और उसे भी युद्ध करने का सवाब मिलेगा।
इसी तरह जिसने योद्धा की अनुपस्थिति में उसके घर वालों की बेहतर अंदाज़ में देखभाल की, वह भी योद्धा के समान है।