عَنْ صَفْوَانَ بْنِ مُحْرِزٍ قَالَ: قَالَ رَجُلٌ لِابْنِ عُمَرَ رضي الله عنهما كَيْفَ سَمِعْتَ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، يَقُولُ: فِي النَّجْوَى؟ قَالَ: سَمِعْتُهُ يَقُولُ:
«يُدْنَى الْمُؤْمِنُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ مِنْ رَبِّهِ عَزَّ وَجَلَّ، حَتَّى يَضَعَ عَلَيْهِ كَنَفَهُ، فَيُقَرِّرُهُ بِذُنُوبِهِ، فَيَقُولُ: هَلْ تَعْرِفُ؟ فَيَقُولُ: أَيْ رَبِّ أَعْرِفُ، قَالَ: فَإِنِّي قَدْ سَتَرْتُهَا عَلَيْكَ فِي الدُّنْيَا، وَإِنِّي أَغْفِرُهَا لَكَ الْيَوْمَ، فَيُعْطَى صَحِيفَةَ حَسَنَاتِهِ، وَأَمَّا الْكُفَّارُ وَالْمُنَافِقُونَ، فَيُنَادَى بِهِمْ عَلَى رؤُوسِ الْخَلَائِقِ هَؤُلَاءِ الَّذِينَ كَذَبُوا عَلَى اللهِ».
[صحيح] - [متفق عليه] - [صحيح مسلم: 2768]
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सफ़वान बिन मुहरिज़ से रिवायत है, वह कहते हैं : एक व्यक्ति ने अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अनहुमा से पूछा कि आपने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से (अल्लाह की अपने बंदों से होने वाली) सरगोशी के बारे में क्या कुछ कहते हुए सुना है? उन्होंने उत्तर दिया कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सुना है :
"मोमिन को क़यामत के दिन उसके सर्वशक्तिमान पालनहार के सामने लाया जाएगा, यहाँ तक कि उसपर अपनी ओर से पर्दा डाल देगा और उससे उसके गुनाहों का इक़रार कराते हुए पूछेगा : क्या तुम इस गुनाह को जान रहे हो? क्या तुम (इस गुनाह को) जान रहे हो? वह कहेगा : ऐ मेरे पालनहार! मैं जान रहा हूँ। चुनांचे अल्लाह फ़रमाएगा कि मैंने दुनिया में तुम्हारे इस गुनाह पर पर्दा डाल रखा था और आज मैं उसे तुम्हारे लिए माफ़ करता हूँ। फिर उसे उसकी नेकियों का रजिस्टर दिया जाएगा। रही बात अविश्वासियों एवं मुनाफ़िक़ों की, तो उनके बारे में सारी सृष्टि के सामने इस बात की घोषणा कर दी जाएगी कि इन लोगों ने अल्लाह पर झूठ बाँधा था।"
[स़ह़ीह़] - [इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ मुस्लिम - 2768]
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अल्लाह की अपने मोमिन बंदे से होने वाली सरगोशी के बारे में बात करते हुए फ़रमाया है :
क़यामत के दिन मोमिन को उसके पालनहार के निकट लाया जाएगा, तो अल्लाह उसपर पर्दा डाल देगा कि उसके छिपे हुए गुनाहों से हश्र के मैदान में एकत्र लोग अवगत न हो सकें। फिर अल्लाह उससे पूछेगा :
क्या तुम अमुक और अमुक गुनाह को जानते हो? दरअसल अल्लाह उससे उन गुनाहों का इक़रार करवाएगा, जो बंदा और उसके रब से संबंधित थे।
चुनांचे बंदा उत्तर देगा : हाँ, ऐ मेरे पालनहार! मैं इन गुनाहों को जानता हूँ।
जब बंदा भयभीत हो जाएगा, तो पवित्र एवं महान अल्लाह उससे कहेगा : मैंने तुम्हारे इन गुनाहों पर दुनिया में पर्दा डाल रखा था और आज उन्हें माफ़ करता हूँ। इसके बाद उसे उसका कर्म पत्र दिया जाएगा।
रही बात अविश्वासी एवं मुनाफ़िक़ की, तो उनके बारे में सार्वजनिक रूप से यह एलान किया जाएगा : यही वे लोग हैं, जिन्होंने अपने पालनहार पर झूठ बाँधा था। सुन लो, अल्लाह की लानत है, इन ज़ालिमों पर।