عن ابن مسعود -رضي الله عنه- قال: سمعت رسول الله -صلى الله عليه وسلم- يقول: «نَضَّرَ اللهُ امْرَأً سَمِع مِنَّا شيئا، فَبَلَّغَهُ كما سَمِعَهُ، فَرُبَّ مُبَلَّغٍ أوْعَى مِن سَامِعٍ».
[صحيح.] - [رواه الترمذي وابن ماجه وأحمد.]
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इब्ने मसऊद -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को फ़रमाते हुए सुनाः "अल्लाह उस व्यक्ति को शादाब तथा आबाद रखे, जिसने हमसे कुछ सुना और उसे जैसे सुना था, वैसे ही पहुँचा दिया। क्योंकि, कभी-कभार जिसे पहुँचाया जाता है, वह सुनने वाले से अधिक याद रखने वाला तथा समझने वाला होता है।"
सह़ीह़ - इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है ।

व्याख्या

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