عن الأغر بن يسار المزني -رضي الله عنه- قال: قال رسول الله -صلى الله عليه وسلم-: «يا أيُّهَا النَّاسُ، تُوبُوا إلى اللهِ واسْتَغْفِرُوهُ، فَإنِّي أَتُوبُ في اليَّومِ مائةَ مَرَّةٍ».
[صحيح.] - [رواه مسلم.]
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अग़र्र बिन यसार मुज़नी- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः ऐ लोगो! अल्लाह के सामने तौबा करो और उससे क्षमा माँगो, क्योंकि खुद मैं दिन में सौ बार तौबा करता हूँ।
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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