عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ رَضِيَ اللهُ عَنْهُ أَنَّ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ:
«لَا يَزَالُ النَّاسُ بِخَيْرٍ مَا عَجَّلُوا الْفِطْرَ».
[صحيح] - [متفق عليه] - [صحيح مسلم: 1098]
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सह्ल बिन साद -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है :
"लोग उस समय तक भलाई में रहेंगे, जब तक इफ़तार करने में जल्दी करते रहेंगे।"
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अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया हैै कि लोग उस समय तक भलाई में रहेंगे, जब तक सूरज डूबने का यक़ीन हो जाने के बाद फ़ौरन इफ़तार कर लिया करेंगे। ऐसा करना इस बात की निशानी है कि इन्सान सुन्नत का अक्षरशः पालन करता है और उसकी ओर से निर्धारित सीमा पर रुक जाता है।