عَنْ جَابِرٍ رَضيَ اللهُ عنهُ عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ:
«مَنْ قَالَ: سُبْحَانَ اللهِ العَظِيمِ وَبِحَمْدِهِ، غُرِسَتْ لَهُ نَخْلَةٌ فِي الجَنَّةِ».

[صحيح] - [رواه الترمذي] - [سنن الترمذي: 3464]
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जाबिर -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है :
"जिसने कहा : "मैं अल्लाह की पवित्रता बयान करता हूँ उसकी प्रशंसा के साथ", उसके लिए जन्नत में एक खजूर का पेड़ लगा दिया जाता है।"

[स़ह़ीह़] - [इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है] - [सुनन तिर्मिज़ी - 3464]

व्याख्या

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि जिसने ये शब्द कहे : "سبحان الله" अर्थात, मैं अल्लाह की पाकी बयान करता हूँ, जो "العظيم" स्वयं तथा अपने गुणों एवं कार्यों में महान है, "وبحمده" सभी संपूर्ण गुणों की निस्बत उसकी ओर करते हुए।

हदीस का संदेश

  1. अधिक से अधिक अल्लाह का ज़िक्र करने की प्रेरणा। अल्लाह के ज़िक्र में "अल-हम्दु लिल्लाह" के साथ 'सुबहान अल्लाह' भी कहना हैं।
  2. जन्नत एक विशाल एवं विस्तृत स्थान है और अल्लाह की पवित्रता तथा प्रशंसा गान से उसमें पेड़ लगते हैं। यह दरअसल अल्लाह का अनुग्रह एवं कृपा है।
  3. यहाँ अन्य पेड़ों की बजाय खजूर के पेड़ का ज़िक्र इसलिए किया गया है कि यह एक बहुत ही लाभकारी पेड़ है और इसका फल बहुत अच्छा होता है। यही कारण है कि अल्लाह ने मोमिन और उसके ईमान की मिसाल उस पेड़ से दी है।
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