عَنْ أَبِي ذَرٍّ رَضيَ اللهُ عنهُ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ:
«يَا أَبَا ذَرٍّ إِذَا طَبَخْتَ مَرَقَةً فَأَكْثِرْ مَاءَهَا، وَتَعَاهَدْ جِيرَانَكَ».
[صحيح] - [رواه مسلم] - [صحيح مسلم: 2625]
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अबू ज़र -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है :
''ऐ अबूज़र! जब शोरबा पकाओ, तो उसमें पानी ज़्यादा डाल दो और पड़ोसियों का भी ख़्याल रख लो।''
[स़ह़ीह़] - [इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ मुस्लिम - 2625]
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अबूज़र ग़िफ़ारी रज़ियल्लाहु अनहु को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया है कि जब सब्ज़ी बनाएँ, तो उसमें अधिक पानी डालकर शोरबा अधिक बना लें और अपने पड़ोसियों का हाल मालूम करके उनको कुछ भेज दिया करें।