عن عبد الله بن عباس -رضي الله عنهما- أن النبي -صلى الله عليه وسلم- كان يقول: «اللهم لك أَسْلَمْتُ، وبك آمنتُ، وعليك توكلتُ، وإليك أَنَبْتُ، وبك خَاصَمْتُ، اللهم أعوذ بِعِزَّتِكَ لا إله إلا أنت أن تُضِلَّنِي، أنت الحيُّ الذي لا يموتُ، والجِنُّ والإِنْسُ يموتون».
[صحيح.] - [متفق عليه، وهذا لفظ مسلم ورواه البخاري مختصرا.]
المزيــد ...

अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहु) से वर्णित है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) यह दुआ किया करते थेः "ऐ अल्लाह, मैंने खुद को तेरे ही आगे झुकाया, तुझपर ईमान लाया, तुझपर भरोसा किया, तेरी ओर लौटा और तेरे लिए झगड़ा किया। ऐ अल्लाह, मैं इस बात से तेरे प्रभुत्व की शरण में आता हूँ कि तू मुझे गुमराह करे। तेरे सिवा कोई पूज्य नहीं। तू जीवित है, जिसे मौत नहीं आएगी, जबकि जिन्न और इनसान मर जाएँगे।"
-

व्याख्या

अनुवाद: अंग्रेज़ी फ्रेंच स्पेनिश तुर्की उर्दू इंडोनेशियाई बोस्नियाई रूसी बंगला चीनी फ़ारसी तगालोग
अनुवादों को प्रदर्शित करें