वर्गीकरण:

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رضي الله عنه قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ:
«أَكْثِرُوا ذِكْرَ هَادمِ اللَّذَّاتِ» يَعْنِي الْمَوْتَ.

[حسن] - [رواه الترمذي والنسائي وابن ماجه] - [سنن ابن ماجه: 4258]
المزيــد ...

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है :
"आनंद को समाप्त करने वाली चीज़ का ज़िक्र अधिक से अधिक करो।" यानी मौत का।

-

व्याख्या

अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अधिक से अधिक मौत का ज़िक्र करने की प्रेरणा दी है, जिसका ज़िक्र आख़िरत की याद दिलाता है और आख़िरत की याद इन्सान के दिल से दुनिया के आनंद को निकाल फेंकती है। ख़ास तौर से हराम तरीक़े से प्राप्त किए गए आनंद को।

हदीस का संदेश

  1. मौत दुनिया की मौज-मस्तियों को समाप्त कर देती है, परंतु एक मोमिन को आख़िरत तथा जन्नत के आनंद की ओर ले जाती है और उस महान भलाई की ओर जो जन्नत में प्राप्त हिने वाली है।
  2. मौत और उसके बाद क्या होता है, यह याद रखना तौबा करने, पाप छोड़ने और अगले जीवन के लिए तैयारी करने के कारणों में से एक है।
अनुवाद: अंग्रेज़ी इंडोनेशियाई बंगला तुर्की बोस्नियाई सिंहली वियतनामी तगालोग कुर्दिश होसा पुर्तगाली मलयालम तिलगू सवाहिली थाई पशतो असमिया الأمهرية الهولندية الغوجاراتية الدرية الرومانية المجرية الموري Kanadische Übersetzung الأوكرانية الجورجية المقدونية الخميرية الماراثية
अनुवादों को प्रदर्शित करें
श्रेणियाँ
अधिक