عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضيَ اللهُ عنهُما قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ:
«البَسُوا مِنْ ثِيَابِكُمُ البَيَاضَ، فَإِنَّهَا مِنْ خَيْرِ ثِيَابِكُمْ، وَكَفِّنُوا فِيهَا مَوْتَاكُمْ».

[صحيح] - [رواه أبو داود والترمذي وابن ماجه] - [سنن الترمذي: 994]
المزيــد ...

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है :
"अपने कपड़ों में से सफ़ेद कपड़े पहना करो। ये तुम्हारे सबसे अच्छे कपड़ों में से हैं। तथा इन्हीं में अपने मुर्दों को दफ़न किया करो।"

[صحيح] - [رواه أبو داود والترمذي وابن ماجه] - [سنن الترمذي - 994]

व्याख्या

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पुरुषों को सफ़ेद कपड़े पहनने तथा अपने मुर्दों को सफ़ेद कपड़े में कफ़नाने का निर्देश दे रहे हैं। क्योंकि सफ़ेद कपड़े उत्कृष्ट कपड़ों में से हैं।

हदीस का संदेश

  1. सफ़ेद कपड़ा पहनना मुसतहब है। हालाँकि दूसरे रंग के कपड़े पहनना भी जायज़ है।
  2. मुर्दों को सफ़ेद कपड़े में कफ़नाना मुसतहब है।
  3. शौकानी कहते हैं : इस हदीस से मालूम होता है कि सफ़ेद कपड़ा पहनना तथा मुर्दों को सफ़ेद कपड़े में कफ़नाना शरीयत सम्मत कार्य है, क्योंकि वह अधिक पाकीज़ा तथा अधिक उत्कृष्ट है। जहाँ तक अधिक उत्कृष्ट होने की बात है तो यह स्पष्ट है, लेकिन जहाँ तक अधिक पाकीज़ा होने की बात है, तो इसका कारण यह है कि सफ़ेद कपड़े में ज़रा-सा भी मैल होने पर दिखाई पड़ने लगता है।
अनुवादों को प्रदर्शित करें
भाषा: अंग्रेज़ी इंडोनेशियाई बंगला अधिक (31)
अधिक