عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضيَ اللهُ عنهُ قَالَ:
وُقِّتَ لَنَا فِي قَصِّ الشَّارِبِ، وَتَقْلِيمِ الْأَظْفَارِ، وَنَتْفِ الْإِبِطِ، وَحَلْقِ الْعَانَةِ، أَلَّا نَتْرُكَ أَكْثَرَ مِنْ أَرْبَعِينَ لَيْلَةً.
[صحيح] - [رواه مسلم] - [صحيح مسلم: 258]
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अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं :
"हमारे लिए मूंछ काटने, नाखून काटने, बगल के बाल उखाड़ने, और जघन बाल काटने की अवधि निर्धारित की गई है कि इन्हें हम चालीस रातों से अधिक न छोड़ें।"
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अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मूंछ काटने, हाथ तथा पाँव के नाखून काटने, बगल के बाल उखाड़ने और जघन बाल काटने की सीमा निर्धारित कर दी है कि इन्हें चालीस दिन से अधिक न छोड़ा जाए।