عَنْ أُمِّ قَيْسٍ بِنْتِ مِحْصَنٍ رَضيَ اللهُ عنها:
أَنَّهَا أَتَتْ بِابْنٍ لَهَا صَغِيرٍ لَمْ يَأْكُلِ الطَّعَامَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، فَأَجْلَسَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي حَجْرِهِ، فَبَالَ عَلَى ثَوْبِهِ، فَدَعَا بِمَاءٍ، فَنَضَحَهُ وَلَمْ يَغْسِلْهُ.
[صحيح] - [متفق عليه] - [صحيح البخاري: 223]
المزيــد ...
उम्मे क़ैस बिंत मेहसन -रज़ियल्लाहु अन्हा- का वर्णन है कि :
वह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास अपना छोटा बच्चा लेकर आयीं जो अभी खाना नहीं खाता था। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया तो उसने आपके कपड़े पर पेशाब कर दिया। आपने पानी मंगवाकर उस पर छिड़क दिया, लेकिन उसे धोया नहीं।
[स़ह़ीह़] - [इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ बुख़ारी - 223]
उम्मे क़ैस बिंत मेहसन रज़ियल्लाहु अन्हा नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास अपना बच्चा लेकर आयीं, जो अपनी कम उम्री के कारण अभी खाना नहीं खाता था। आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया, तो बच्चे ने आपके कपड़े पर पेशाब कर दिया। इस पर आपने पानी मँगवाया और उसे अपने कपड़े पर छिड़क दिया और उसे धोया नहीं।