عَنْ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُما أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ:
«مَفَاتِحُ الغَيْبِ خَمْسٌ، {إِنَّ اللَّهَ عِنْدَهُ عِلْمُ السَّاعَةِ وَيُنْزِلُ الغَيْثَ وَيَعْلَمُ مَا فِي الأَرْحَامِ وَمَا تَدْرِي نَفْسٌ مَاذَا تَكْسِبُ غَدًا وَمَا تَدْرِي نَفْسٌ بِأَيِّ أَرْضٍ تَمُوتُ إِنَّ اللَّهَ عَلِيمٌ خَبِيرٌ}».
المزيد
अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अन्हुमा से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है :
"ग़ैब की चाबियां पांच हैं, {निःसंदेह, अल्लाह ही के पास है क़यामत का ज्ञान, वही उतारता है वर्षा और जानता है जो कुछ गर्भाशयों में है और नहीं जानता कोई प्राणी कि वह क्या कमायेगा कल और नहीं जानता कोई प्राणी कि किस धरती में मरेगा। वास्तव में, अल्लाह ही सब कुछ जानने वाला, सबसे सूचित है।}"