عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ:
«قَالَ اللَّهُ تَعَالَى: ثَلاَثَةٌ أَنَا خَصْمُهُمْ يَوْمَ القِيَامَةِ: رَجُلٌ أَعْطَى بِي ثُمَّ غَدَرَ، وَرَجُلٌ بَاعَ حُرًّا فَأَكَلَ ثَمَنَهُ، وَرَجُلٌ اسْتَأْجَرَ أَجِيرًا فَاسْتَوْفَى مِنْهُ وَلَمْ يُعْطِهِ أَجْرَهُ».
[صحيح] - [رواه البخاري] - [صحيح البخاري: 2270]
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अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है :
"अल्लाह तआला फ़रमाता है : तीन आदमी ऐसे हैं कि क़यामत के दिन मैं उनका दुश्मन होऊंगा। वह आदमी जो मेरा नाम लेकर वादा करे, फिर उसे तोड़ डाले, दूसरा वह आदमी जो किसी आज़ाद आदमी को बेच करके उसकी क़ीमत खा जाए, तीसरा वह आदमी जो किसी मज़दूर को मज़दूरी पर रखे, उससे पूरा काम ले, लेकिन उसे मज़दूरी न दे।"
[स़ह़ीह़] - [इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ बुख़ारी - 2270]
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि अल्लाह तआला ने फरमाया है : तीन क़िस्म के लोग ऐसे हैं कि क़यामत के दिन मैं उनका दुश्मन होऊँगा, और जिसका मैं दुश्मन हुआ, उसे हरा दूँगा और उसपर ग़ालिब आ जाऊँगा : पहला : वह जो अल्लाह की क़सम खाकर कोई संधि करे, फिर उसे भंग कर दे और विश्वासघात करे। दूसरा : जिसने किसी आज़ाद व्यक्ति को दास बताकर बेच दिया और उसकी क़ीमत खा गया तथा उसे अपने उपयोग में ले लिया। तीसरा : जिसने किसी मज़दूर को काम पर रखा, उससे पूरा काम ले लिया और उसे उसका पारिश्रमिक नहीं दिया।