عَنْ سَفِينَةَ رَضيَ اللهُ عَنْهُ قَالَ:
كَانَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُغَسِّلُهُ الصَّاعُ مِنَ المَاءِ مِنَ الجَنَابَةِ، وَيُوَضِّئُهُ المُدُّ.
[صحيح] - [رواه مسلم] - [صحيح مسلم: 326]
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सफ़ीना रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है, वह कहते हैं :
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक साअ पानी से जनाबत का स्नान और एक मुद्द पानी से वज़ू कर लिया करते थे।
[स़ह़ीह़] - [इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ मुस्लिम - 326]
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जनाबत का स्नान एक साअ और वज़ू एक मुद्द पानी से कर लिया करते थे। साअ चार मुद्द का होता है और मुद्द की मात्रा एक मध्यम शरीर वाले इन्सान की दोनों हथेलियों भर की होती है।