عَنْ سَهْلٍ رَضِيَ اللهُ عَنْهُ عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ:
«إِنَّ فِي الْجَنَّةِ بَابًا يُقَالُ لَهُ الرَّيَّانُ، يَدْخُلُ مِنْهُ الصَّائِمُونَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ، لَا يَدْخُلُ مِنْهُ أَحَدٌ غَيْرُهُمْ، يُقَالُ: أَيْنَ الصَّائِمُونَ، فَيَقُومُونَ لَا يَدْخُلُ مِنْهُ أَحَدٌ غَيْرُهُمْ، فَإِذَا دَخَلُوا أُغْلِقَ، فَلَمْ يَدْخُلْ مِنْهُ أَحَدٌ».
[صحيح] - [متفق عليه] - [صحيح البخاري: 1896]
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सह्ल -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है :
"जन्नत में एक द्वार है, जिसे रय्यान कहा जाता है। क़यामत के दिन उससे रोज़ेदार प्रवेश करेंगे। उनके सिवा कोई उस द्वार से प्रवेश नहीं करेगा। कहा जाएगा : रोज़ेदार कहाँ हैं? अतः, वे उठ खड़े होंगे। उनके सिवा कोई उससे प्रवेश नहीं करेगा। जब वे दाख़िल हो जाएँगे, तो द्वार बंद कर दिया जाएगा और उससे कोई अंदर नहीं जाएगा।"
[स़ह़ीह़] - [इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ बुख़ारी - 1896]
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि जन्नत के द्वारों में से एक द्वार का नाम रैयान है, जिससे क़यामत के दिन रोज़ेदार प्रवेश करेंगे। दूसरे लोग नहीं। उस दिन पुकारा जाएगा कि रोज़ेदार कहाँ हैं? चुनांचे रोज़ेदार खड़े होंगे और अंदर जाएँगे। दूसरे लोग उस द्वार से प्रवेश नहीं करेंगे। जब अंतिम रोज़ेदार प्रवेश कर जाएगा, तो द्वार को बंद कर दिया जाएगा और बाद में कोई प्रवेश नहीं करेगा।