عن زَيد بن أرْقَم -رضي الله عنه-: أنه رأى قوما يصلُّون من الضُّحى، فقال: أمَا لقد عَلِموا أن الصلاة في غير هذه السَّاعة أفضل، إن رسول الله -صلى الله عليه وسلم-، قال: «صلاة الأَوَّابِين حين تَرْمَضُ الفِصَال».
[صحيح.] - [رواه مسلم.]
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ज़ैद बिन अरक़म -रज़ियल्लाहु अन्हु- वर्णन करते हैं कि उन्होंने कुछ लोगों को देखा कि वे चाश्त की नमाज़ पढ़ रहे हैं, तो उन्होंने कहा : याद रहे, ये लोग जान लें कि इस समय के अलावा दूसरे समय में नमाज़ पढ़ना बेहतर है, निश्चित ही अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “अव्वाबीन (नेक लोगों) की नमाज़ उस समय होती है जब ऊँट के बच्चों के पाँव जलने लगें।”
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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