عن عائشة رضي الله عنها ، قالت: «كان النبي صلى الله عليه وسلم يصلي من الليل ثلاث عشرة ركعة منها الوِتر، وركعتا الفجر». المزيد
आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा से रिवायत है, वह फ़रमाती हैं : “नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम रात को तेरह रकअत नमाज़ पढ़ते थे, उन्हीं में वित्र और फज्र की दो रकअतें (सुन्नत) भी शामिल होती थीं ।”