हदीसों की सूची

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को कोई अमल पसंद होता, इसके बावजूद उसे इस डर से छोड़ देते कि कहीं लोग उसपर अमल करने लगें और उनपर फ़र्ज़ कर दिया जाए।
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अव्वाबीन (नेक लोगों) की नमाज़ उस समय होती है जब ऊँट के बच्चों के पाँव जलने लगें।
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अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- चाश्त की नमाज़ चार रकअत पढ़ा करते थे, और जितना अल्लाह चाहता उतना उसमें ज्यादा करते।
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क्या नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- चाश्त की नमाज़ पढ़ा करते थे? उन्होंने कहा : नहीं, सिवाय तब जब आप किसी यात्रा से लौट कर आते।
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