عَنْ مُعَاوِيَةَ رَضيَ اللهُ عنهُ قَالَ: سَمِعْتُ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ:
«الْمُؤَذِّنُونَ أَطْوَلُ النَّاسِ أَعْنَاقًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ».

[صحيح] - [رواه مسلم] - [صحيح مسلم: 387]
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मुआविया -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को यह फरमाते हुए सुना है :
"क़यामत के दिन अज़ान देने वालों की गर्दनें सबसे ऊँची होंगी।"

[स़ह़ीह़] - [इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है] - [सह़ीह़ मुस्लिम - 387]

व्याख्या

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि अज़ान देने वाले, अपने इस कार्य की महत्ता, अपनी नेकियों तथा मिलने वाले बड़े प्रतिफल के कारण क़यामत के दिन सबसे ऊँची गर्दन वाले होंगे।

हदीस का संदेश

  1. अज़ान की फ़ज़ीलत तथा उसकी प्रेरणा।
  2. अज़ान देने वालों का मान-सम्मान तथा क़यामत के दिन उनका उच्च स्थान।
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