عن أبي زيد الأنصاري -رضي الله عنه- قال: قال لي رسول الله -صلى الله عليه وسلم-: «اقتَرِب منِّي»، فاقتربتُ منه، فقال: «أَدْخِلْ يدك فامْسَح ظهري» ، قال: فأدْخلتُ يدي في قميصه، فمسَحتُ ظهْره، فَوَقَع خاتَم النبوة بين إصبعي، قال: فسُئل عن خاتَم النبوة، فقال: «شَعْرات بيْن كتِفيْه».
[صحيح] - [رواه أحمد]
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अबू ज़ैद अन्सारी- रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मुझ से कहा कि मेरे समीप आओ तो मैं आप के समीप गया, आप ने कहा अपने हाथ मेरे कुर्ते के अंदर डाल कर मेरी पीठ पर फेरो, वह कहते हैंः मैंने अपना हाथ आप- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के कुर्ते में डाल कर आप की पीठ पर फेरा तो आप की मुहरे नबूव्वत मेरी अंगुलियों के बीच में आ गई, वह कहते हैं (बाद में) जब उन से मुहरे नबूव्वत के विषय में पूछा गया (कि वह कैसा था) तो उन्होंने जवाब दियाः वह कुछ बाल थे जो आप के कंधों के बीच में थे।
सह़ीह़ - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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