عن جابر -رضي الله عنه- قَالَ: كُنَّا إِذَا صَعِدْنَا كَبَّرْنَا، وَإِذَا نَزَلْنَا سَبَّحْنَا. عن ابن عمر -رضي الله عنهما- قالَ: كانَ النبيُّ -صلى الله عليه وسلم- وجيُوشُهُ إِذَا عَلَوا الثَّنَايَا كَبَّرُوا، وَإِذَا هَبَطُوا سَبَّحُوا.
[صحيحان] - [حديث جابر -رضي الله عنه- رواه البخاري. حديث ابن عمر -رضي الله عنهما- رواه أبو داود]
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जाबिर (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि जब हम किसी ऊँचे स्थान पर चढ़ते, तो अल्लाहु अकबर कहते और जब ढलान से उतरते, तो सुबहानल्लाह कहा करते थे। अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और आप की सेना जब टीलों पर चढ़ते, तो तकबीर (अल्लाहु अकबर) कहते और जब उतरते, तो तसबीह (सुबहानल्लाह) पढ़ते थे।
दोनों रिवायतों को मिलाकर सह़ीह़ - इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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