عن أبي مسعود البدري -رضي الله عنه- قال: دَعَا رَجُلٌ النبيَّ -صلى الله عليه وسلم- لِطَعَامٍ صَنَعَهُ له خَامِسَ خَمْسَةٍ، فَتَبِعَهُمْ رجلٌ، فلَمَّا بَلَغَ البابَ، قال النبيُّ -صلى الله عليه وسلم-: «إِنَّ هذا تَبِعَنَا، فَإِنْ شِئْتَ أَنْ تَأْذَنَ له، وإِنْ شِئْتَ رَجَعَ» قال: بَلْ آذَنُ له يا رسولَ اللهِ.
[صحيح] - [متفق عليه]
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अबू मसऊद बदरी- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि एक व्यक्ति ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को अन्य चार आदमियों के साथ खाने को बुलाया। (जाते समय) एक आदमी उनके पीछे हो लिया। जब दरवाज़े तक पहुँचे, तो आपने फ़रमायाः यह व्यक्ति हमारे पीछे-पीछे आ गया है। तुम उसे अनुमति दो तो ठीक है, वरना वापस हो जाएगा। उसने कहाः अल्लाह के रसूल! बल्कि मैं उसे अनुमति देता हूँ।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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