عن ابن عباس -رضي الله عنهما- أن النبي -صلى الله عليه وسلم- مر عليه حمار قد وُسِمَ في وجهه، فقال:«لعن الله الذي وسمه». وفي رواية لمسلم أيضا: نهى رسول الله -صلى الله عليه وسلم- عن الضرب في الوجه، وعن الوسم في الوجه»
[صحيح.] - [رواه مسلم.]
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इब्ने अब्बास (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के पास से एक गधा गुज़रा, जिसके चेहरे पर दाग़ा गया था। तो आपने फ़रमाया: अल्लाह की लानत हो उस पर, जिसने इसे दाग़ा है। मुस्लिम की एक रिवायत में आया है: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने चेहरे पर मारने तथा उसमें दाग़ने से मना फ़रमाया है।
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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