عن حذيفة بن اليمان رضي الله عنهما عن رسول الله صلى الله عليه وسلم أنه قال: «وَالَّذِي نَفسِي بِيَدِه، لَتَأْمُرُنَّ بِالمَعرُوف، وَلَتَنهَوُنَّ عَنِ المُنْكَر؛ أَو لَيُوشِكَنَّ الله أَن يَبْعَثَ عَلَيكُم عِقَاباً مِنْه، ثُمَّ تَدعُونَه فَلاَ يُسْتَجَابُ لَكُم». المزيد
हुज़ैफ़ा बिन यमान- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः उसकी क़सम, जिसके हाथ में मेरे प्राण हैं, तुम अवश्य ही भलाई का आदेश देते रहोगे तथा बुराई से रोकते रहोगे, वरना अल्लाह अपनी ओर से तुमपर कोई सज़ा भेज देगा। फिर तुम उसे पुकारोगे, लेकिन तुम्हारी पुकार सुनी नहीं जाएगी।