عن عُقْبَة بن عامر -رضي الله عنه- قال: قلت لرسول الله -صلى الله عليه وسلم-: أفِي سورة الحج سَجدَتَان؟ قال: «نعم، ومن لم يَسْجُدْهما؛ فلا يَقْرَأْهما».
[صحيح] - [رواه أبو داود]
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उक़बा बिन आमिर -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से पूछा कि क्या सूरा 'हज्ज' में दो सजदे हैं? तो फ़रमायाः "हाँ, तथा जो दोनों सजदे न करना चाहे, वह उन दोनों आयतों को न पढ़े।"
सह़ीह़ - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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