عن محمد بن زيد: أن نَاسًا قالوا لجده عبد الله بن عمر -رضي الله عنهما-: إنا ندخل على سَلاطِينِنَا فنقول لهم بخلاف ما نتكلم إذا خرجنا من عندهم، قال: كنا نَعُدُّ هذا نفاقا على عهد رسول الله -صلى الله عليه وسلم-.
[صحيح.] - [رواه البخاري.]
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मुहम्मद बिन ज़ैद कहते हैं कि कुछ लोगों ने उनके दादा अब्दुल्लाह बिन उमर -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- से कहा : हम लोग जब अपने बादशाहों के पास जाते हैं, तो ऐसी बातें करते हैं, जो बातें वहाँ से निकलने के बाद नहीं करते। उन्होंने उत्तर दिया : हम इसे अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के युग में निफ़ाक़ -पाखंड तथा ढ़ोंग- समझते थे।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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