عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعاً: «من تصدق بعدل تمرة من كسب طيب، ولا يقبل الله إلا الطيب، فإن الله يقبلها بيمينه، ثم يُرَبِّيها لصاحبها كما يُرَبِّي أحدكم فَلُوَّه حتى تكون مثل الجبل» المزيد
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "जो व्यक्ति हलाल की कमाई से खजूर के बराबर भी कोई वस्तु सदक़ा करता है और वैसे भी अल्लाह केवल हलाल वस्तु ही को स्वीकार करता है, तो अल्लाह उसे अपने दाहिने हाथ से ग्रहण करता है और फिर उसे सदक़ा करने वाले के लिए उसी प्रकार बढ़ाता जाता है, जिस प्रकार तुममें कोई घोड़े के बच्चे की परवरिश करता है, यहाँ तक कि वह पहाड़ के समान हो जाता है।"