عن أبي موسى الأشعري رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : "إنَّ الأشعريين إذا أرمَلُوا في الغَزْوِ، أو قَلَّ طعامُ عِيالِهم بالمدينةِ، جَمَعُوا ما كان عندهم في ثوبٍ واحدٍ، ثم اقتَسَمُوه بينهم في إناءٍ واحدٍ بالسَّوِيَّةِ، فَهُم مِنِّي وأنا مِنهُم". المزيد
अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “अशअरी लोग जब युद्ध में खाने-पीने की चीज़ों की कमी का सामना करते हैं या शहर में उनके बाल बच्चों का खाना कम पड़ने लगता है, तो सब लोग जो कुछ पास में होता है, एक कपड़े में जमा कर देते हैं और फिर एक बरतन से आपस में बराबर बाँट लेते हैं। अतः, वे मुझसे हैं और मैं उनसे हूँ।”