عن عائشة -رضي الله عنها-، قالت: «ما تَرَك رسولُ الله -صلى الله عليه وسلم- دينارًا، ولا درهمًا، ولا شاةً، ولا بَعِيرًا، ولا أَوْصى بشيء».
[صحيح.] - [رواه مسلم.]
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आइशा -रज़ियल्लाहु अंहा- का वर्णन है, वह कहती हैंः अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने न दीनार छोड़े, न दिरहम, न बकरी, न ऊँट और न किसी चीज़ की वसीयत की।
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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