1. मुख्य
  2. श्रेणियाँ
  3. पवित्र क़ुरआन तथा उससे संबंधित अन्य विषय

हदीस किसी आदमी का यह कहना कि मैं अमुक-अमुक आयत भूल गया हूँ, नामुनासिब बात है। बल्कि वह भुला दिया गया है। क़ुरआन को लगातार याद करते रहो, क्योंकि क़ुरआन (गफलत बरतने वाले) लोगों के सीनों से निकल जाने के मामले में ऊँटों से भी ज़्यादा तेज़ है।

عن عبد الله بن مسعود رضي الله عنه قال: قال النبي صلى الله عليه وسلم : «بِئْسَ ما لأحَدِهم أنْ يقول نَسِيتُ آيةَ كَيْتَ وكَيْتَ، بل نُسِّيَ، واستذكِروا القرآن، فإنه أشدُّ تَفَصِّيًا مِن صدور الرِّجال من النَّعَم».

अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "किसी आदमी का यह कहना कि मैं अमुक-अमुक आयत भूल गया हूँ, नामुनासिब बात है। बल्कि वह भुला दिया गया है। क़ुरआन को लगातार याद करते रहो, क्योंकि क़ुरआन (गफलत बरतने वाले) लोगों के सीनों से निकल जाने के मामले में ऊँटों से भी ज़्यादा तेज़ है।"

सह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

स्पष्टीकरण

अनुवाद दिखाएँ

12 भाषा
EN English الإنجليزية
UR اردو الأوردية
ES Español الإسبانية
ID Indonesia الإندونيسية
UG ئۇيغۇرچە الأيغورية
FR Français الفرنسية
RU Русский الروسية
BS Bosanski البوسنية
ZH 中文 الصينية
FA فارسی الفارسية
KU Kurdî الكردية
HA Hausa الهوسا